गुरुवार, मई 23 2024 | 11:37:07 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आयोजित करेगा राष्ट्रीय सम्मेलन “बेटियां बने कुशल”

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आयोजित करेगा राष्ट्रीय सम्मेलन “बेटियां बने कुशल”

Follow us on:

नई दिल्ली (मा.स.स.). महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से 11 अक्टूबर, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के बैनर तले लड़कियों के लिए गैर-पारंपरिक आजीविका (एनटीएल) में कौशल पर राष्ट्रीय सम्मेलन “बेटियां बने कुशल” का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में मंत्रालयों और विभागों के बीच एकजुटता पर जोर दिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लड़कियां अपने कौशल का निर्माण करने के साथ-साथ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) सहित विभिन्न व्यवसायों से जुड़े कार्यबल में प्रवेश करें, जहां ऐतिहासिक रूप से लड़कियों का प्रतिनिधित्व कम रहा है। इस कार्यक्रम में युवा लड़कियों की कार्यबल में उनकी बढ़ी हुई, समान और सशक्त भागीदारी के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस अवसर पर मिशन शक्ति दिशानिर्देशों के अनुसार किए गए परिवर्तनों के परिणामस्वरूप योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्यों/जिलों के मार्गदर्शन के लिए बीबीबीपी परिचालन मैनुअल को भी लॉन्च किया जाएगा।

देशभर के दर्शकों के लिए “बेटियां बने कुशल” कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (www.youtube.com/c/MinistryofWomenChildDevelopmentGovtofIndia) किया जाएगा, और इसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, खेल विभाग, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ वैधानिक निकाय जैसे कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण परिषद के प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। पूरे भारत की लड़कियां और युवतियां इस कार्यक्रम में उदाहरण पेश करेंगी।

कार्यक्रम के अन्य मुख्य आकर्षण में शामिल हैं:

  • केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन इरानी और पूरे भारत से एनटीएल में अपनी पहचान बनाने वाली किशोर लड़कियों के एक समूह के बीच एक संवाद सत्र।
  • परिचालन संबंधी दिशानिर्देश और एकजुटता के आयाम से संबंधित बीबीबीपी परिचालन मैनुअल का विमोचन।
  • जीवन और रोजगार कौशल, उद्यमिता कौशल, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हुए21वीं सदी के कौशल को लेकर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ प्रतिबद्धताओं की घोषणा।
  • चयनित जिलों द्वारा उसी स्थान से कौशल पर आधारित सर्वोत्तम तौर-तरीकों का प्रदर्शन।
  • उद्योग, गैर-सरकारी संगठनों और सीएसओ के उदाहरणों के साथ एनटीएल में लड़कियों और महिलाओं के सतत समावेश के बारे में केस स्टडी।

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://vyaparapp.in/store/Pustaknama/15

https://www.meesho.com/hindi-paperback-history-books/p/2r4nct

इस पुस्तक को ई-बुक के रूप में खरीदने हेतु कृपया निम्न लिंक पर क्लिक करें –

https://www.amazon.in/dp/B0aar BCH59SF8

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानवापी के लिए चाहिए 400 पार सीटें : हिमंत बिस्वा सरमा

नई दिल्ली. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार …