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गिरीश श्रीवास्तव बने राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन-भारत के प्रदेश संगठन मंत्री

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ (मा.स.स.). राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन- भारत के द्वारा  लखनऊ में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आयोजन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय संगठन मंत्री धर्मवीर सिंह सोलंकी, प्रदेश अध्यक्ष जी पी श्रीवास्तव, प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन प्रकाश श्रीवास्तव, प्रदेश मंत्री आलोक कपूर, सुरेंद्र कुमार भारती, प्रदेश सचिव डॉक्टर परितोष मिश्रा, विनय प्रकाश शुक्ला, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आर .आर .शर्मा, पूर्व राज्य मंत्री योगेश तिवारी मौजूद रहे.

इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन भारत की जिला इकाई लखनऊ ,लखीमपुर खीरी, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, बाराबंकी और मथुरा, कानपुर के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्ष जी पी श्रीवास्तव ने एवं अध्यक्षता राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने की. जिला अध्यक्ष रविकांत विश्वकर्मा की अपने गृह जनपद लखनऊ में हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका रही. इन सभी लोगों की मौजूदगी में गिरीश श्रीवास्तव को पूर्व राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश योगेश तिवारी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव के द्वारा राष्ट्रीय नेतृत्व की संस्तुति पर प्रदेश संगठन मंत्री के पद पर मनोनीत किया गया. कार्यक्रम के समापन पर सभी ने मानव को जन्म से मिले हुए मौलिक अधिकारों की सुरक्षा पर राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के सच्ची सिपाही के रूप में कार्य करने का संकल्प लिया.

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।