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श्री गांधीग्राम सुंदरकांड सेवा मंडल आयोजित करेगा 7वां वार्षिक उत्सव

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर (मा.स.स.). श्री गांधीग्राम सुंदरकांड सेवा मंडल के द्वारा विगत 6 वर्षों से आप सभी के सहयोग से जो वार्षिक महोत्सव का आयोजन होता रहा है उस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी दिनांक 19 नवंबर 2022 दिन शनिवार को 7वे वार्षिक महोत्सव  की तिथि सुनिश्चित की गई है. मंडल का हमेशा यह प्रयास रहा है कि आप सभी भक्तजनों के सहयोग एवं हौसले को देखते हुए हर वर्ष कुछ ना कुछ अलग करके आयोजन को बहुत अच्छा किया जाए . इसी श्रेणी में इस वर्ष आकर्षण को बनाए रखने के उद्देश्य से श्री सुंदरकांड पाठ का संगीतमय वाचन श्रीरामचरितमानस के मर्मज्ञ एवं विख्यात पंडित विनय तिवारी व्यास जी द्वारा होना सुनिश्चित हुआ है .

पांडाल को भी भव्य और बड़ा रूप देते हुए प्रभु श्री रामचंद्र जी के दरबार एवं भक्त हनुमान के साथ-साथ कई अन्य देवता गण विराजमान रहेंगे  जिसमें प्रमुख आकर्षण साथ में बनने वाली झांकियां है भव्य एवं समुचित रंग बिरंगी लाइटिंग व्यवस्था के द्वारा आयोजन स्थल को सजाया जाएगा.  श्री गांधीग्राम सुंदरकांड सेवा मंडल कि जिन सदस्यों द्वारा श्री सुंदरकांड का पाठ पूरे वर्ष हर शनिवार को भक्तों की इच्छा से निश्चित स्थान पर निशुल्क किया जाता है उन्हीं लोगों के द्वारा भजन संध्या की प्रस्तुति की व्यवस्था भी की गई है . विगत वर्ष की तरह मैया तुलसी को घर घर पहुंचाने के उद्देश्य के क्रम में इस वर्ष भी 101 तुलसी जी के वितरण की व्यवस्था की गई है .

इस वर्ष इस भव्य महोत्सव की गरिमा को बढ़ाने के लिए हमारे क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष तथा हम सबके प्रिय अभिभावक एवं मार्गदर्शक श्री सतीश महाना जी विशिष्ट अतिथि के रूप में हमारे बीच  उपस्थित रहेंगे ,जो हमारे लिए गर्व की बात है .  इस वर्ष भी विशाल भंडारे के रूप में महाप्रसाद की व्यवस्था की गई है. अंत में भगवान जी  की होने वाली महा आरती प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी. आप सभी से करबद्ध निवेदन है कि ज्यादा से ज्यादा लोग महोत्सव में पहुंचकर श्री सुंदरकांड पाठ एवं भजन का श्रवण करें तथा साक्षात बालाजी महाराज का दर्शन कर अपने आप को धन्य करें महाप्रसाद ग्रहण कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें . आप सभी भक्तजनों का सहयोग एवं हौसला ही महोत्सव को सफल बनाएगा.

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।