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नागरिकों तथा सरकार को निकट लाने के लिए हुआ सम्मेलन का आयोजन

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ईटानगर (मा.स.स.). भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने अरुणाचल प्रदेश सरकार के सहयोग से18-19 अगस्त 2022 को ‘प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से नागरिकों तथा सरकार को निकट लाने’ के विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया।

केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, कार्मिक लोक शिकायत पेंशन तथा परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से पहले पूर्वोत्तर क्षेत्र को आर्थिक रूप से काफी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि उस समय की केन्द्र सरकारों की नीतियां अदूरदर्शी थीं लेकिन 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश के अधिक विकसित क्षेत्रों के बराबर लाने के सभी प्रयास किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 8 वर्षों में पूर्वोत्तर क्षेत्र की कार्य संस्कृति में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है।

डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप पूर्वोत्तर क्षेत्र में परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो रही हैं और केन्द्र से मिलने वाली राशि का 100 प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य रेल से देश की राजधानी से जुड़े हैं और सभी आठ राज्यों में हवाई अड्डे बन रहे हैं जबकि गुवाहाटी हवाई अड्डा महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना गया है।

जितेन्द्र सिंह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों तथा अन्य पर्वतीय तथा पिछड़े क्षेत्रों में इस तरह के सम्मेलन हो रहे हैं। इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों को जीवन के सभी क्षेत्रों में सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि इटानगर में यह सम्मेलन प्रशासनिक सुधार तथा लोक शिकायत विभाग द्वारा अगस्त 2019 में मेघालय में ई-गवर्नेंस पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद हो रहा है। मेघालय में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शासन तथा लोकसेवा डिलिवरी के लिए श्रेष्ठ व्यवहारों, नवीनतम टेक्नॉलॉजी विकास और उनसे लाभ लेने के लिए ई-गवर्नेंस पर ‘शिलांग घोषणा’ अपनाई गई थी।

सिंह ने बताया कि प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग अरुणाचल प्रदेश सरकार तथा हैदराबाद के सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के सहयोग से पूर्वोत्तर राज्यों के लिए पहला जिला गुड गवर्नेंस सूचकांक विकसित किया है। यह सूचकांक सभी जिलों में शासन दक्षता में सुधार के लिए राष्ट्रीय गुड गवर्नेंस सूचकांक की तर्ज पर विकसित किया गया है।

उन्होंने कहा कि डीएआरपीजी की योजना मासिक आधार पर अरुणाचल प्रदेश के प्रत्येक जिले की रैंकिंग की निगरानी के लिए जिला गुड गवर्नेंस पोर्टल विकसिक करने और अरुणाचल प्रदेश के अंदर कार्य प्रदर्शन मानक तय करने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ऑनलाइन गुड गवर्नेंस सूचनांक बनाने की आवश्यकता है जो अरुणाचल प्रदेश के जिला गुड गवर्नेंस सूचकांक की तर्ज पर वार्षिक सुधारों की निगरानी रख सके।

डॉक्टर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अरुणाचल प्रदेश को पूर्व एशिया का प्रमुख द्वार बनाने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित अरुणाचल प्रदेश की भूमिका देखते हुए आधुनिक अवसंरचना तैयार की जा रही है। प्रकृति ने अरुणाचल प्रदेश को अपना खजाना दिया है और केन्द्र अरुणाचल प्रदेश की पर्यटन क्षमता को पूरे विश्व तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।

डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने घोषणा की कि समझौता ज्ञापन के अनुसार डीएआरपीजी मासिक आधार पर प्रत्येक जिले के कार्य प्रदर्शन की निगरानी करने के लिए और उनका मानक तय करने में सहायता करेगा और इसके अतिरिक्त चरणबद्ध तरीके से ई-ऑफिस संस्करण 5.6 को ई-ऑफिस संस्करण 7.0 में उन्नत करने में सहयोग करेगा। डीएआरपीजी के अंतर्गत राष्ट्रीय गुड गवर्नेंस सेंटर अगले पांच वर्षों में अरुणाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के 500 अधिकारियों के लिए मिड करियर बिल्डिंग कार्यक्रम आयोजित करेगा। डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने इटानगर में दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के आयोजन के लिए डीएआरपीजी के सचिव वी.श्रीनिवास की सराहना की।

दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि शासन में परिवर्तन लाने तथा शासन को लोगों के निकट लाने के लिए प्रशासनिक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सरकार पारदर्शिता, उत्तादायित्व के लिए सुधारों को निरंतर अपना रही है तथा फाइलों का तेजी से निस्तारण हो रहा है।

पेमा खांडू ने कहा कि इस सम्मेलन का बहुत महत्व है क्योंकि इसका उद्देश्य सभी संभव सीमा तक सरकारी अधिकारियों को सरकार और लोगों के बीच की खाई को पाटने के लिए सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली कोकुशल और पारदर्शी शासन के लिएसर्वश्रेष्ठ तकनीकी कार्यों मेंसे एक बताते हुए कहा कि अरुणाचलप्रदेश अपने कार्यालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि हमने 2022-23 को ई-गवर्नेंस वर्ष घोषित किया है। उन्होंने कहा कि हमने राज्य सचिवालय में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू किया है। इसके अतिरिक्त ई-एसेम्बली और ई-कैबिनेट मॉडयूल को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक हमने 17 ई-प्रगति समीक्षा बैठकें की हैं जिनमें उपायुक्तों और संबंधित विभागों के साथ 200 से अधिक परियोजना और योजनाओं की समीक्षा की गई है और उन्हें फास्टट्रैक किया गया है। खांडू ने बताया कि सरकार ने 22 क्षेत्रों को ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए चिन्हित किया गया है, जबकि जिलों के कार्यालय सहित शेष कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे इस वर्ष अक्टूबर तक ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर आएं।

खांडू ने बताया कि अब तक हमने ई-ऑफिस के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से 8,10,350 फाइलों को आगे बढ़ाया है।उन्होंने कहा कि फाइल की गति पारदर्शी होने के साथ-साथ तेज भी हो गई हैं। इसने उत्तरदायित्व को भी आगे बढ़ाया है क्योंकि अब यह पता लगाना आसान है कि किस विभाग में और किस टेबल पर कोई विशेष फाइल लंबित है। मुख्यमंत्री ने गुड गवर्नेंस के काम में राज्य सरकार के साथ सहयोग करने के लिए समझौता ज्ञापन के लिए डीएआरपीजी के प्रति आभार व्यक्त किया।

वी. श्रीनिवास ने ईटानगर में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रथम गवर्नेंस मॉडल सरकार की अधिकतम शासन-न्यूनतम सरकार की नीति की सबसे अच्छी अभिव्यक्ति है। यह संस्थानों के डिजिटल परिवर्तन से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सुधारों को चुस्त, सहयोगी और संबद्ध सरकार के निर्माण की सुविधा प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डीएआरपीजी ने पहली बार पूर्वोत्तर राज्यों में जिला गुड गवर्नेंस सूचकांक को विकसित करने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार के साथ सहयोग किया। यह डेटा मिलान के अपने अंतिम चरण में है और शीघ्र ही लॉन्च करने के लिए तैयार होगा।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार विजन इंडिया@2047 बना कर रही है। डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह जी डीएआरपीजी के गवर्नेंस पर विषय परसलाहकार समूह के प्रमुख हैं और समूहका फोकस युवा अधिकारियों पर है। उन्होंने कहा कि डॉ.एस.एन. त्रिपाठी जी ने विजन इंडिया@2047 बनाने में डीएआरपीजी के नॉलेज पार्टनर के रूप में आईआईपीए में काफी काम किया है। वी. श्रीनिवास ने सभी युवा अधिकारियों, जिला कलेक्टरों को संदेश दिया कि हमने 15 अगस्त, 2022 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री जी को सुना है। प्रधानमंत्री ने“जय अनुसंधान”- मिशन इनोवेशन का विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों कोडिजिटल गवर्नेंस मॉडल तैयार करके शासन में नवाचार के लिए प्रधानमंत्री के इस विजन को पूरा करना चाहिए।

क्षेत्रीय सम्मेलन को अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मीन, अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव धर्मेंद्र, उत्‍तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव लोक रंजन तथा एआरपीजी के संयुक्त सचिव एन.बी.एस राजपूत ने भी संबोधित किया। उद्घाटन सत्र में अरुणाचल प्रदेश सरकार के सचिव (एआर) अजयचगती ने धन्यवाद ज्ञापन किया। क्षेत्रीय सम्मेलन में 5 तकनीकी सत्र हैं। ये हैं- शासन में सुधार, पूर्वोत्तर राज्यों में लोक शिकायत निवारण तथा ई-ऑफिस,पूर्वोत्तर राज्यों मेंगुड गवर्नेंस व्यवहार, जिला गवर्नेंस सूचकांक और गुड गवर्नेंस व्यवहार।

सम्मेलन के पहले दिन आईआईपीए के महानिदेशक एस.एन. त्रिपाठी ने “शासन में सुधार” विषय पर पहले सत्र की अध्यक्षता की। इसमें विजन इंडिया@2047,कार्मिक प्रशासन में सुधार, मिशन कर्मयोगी तथा अरुणाचल प्रदेश में सुधार विषय पर प्रस्तुतियां दी गईं। दोपहर के भोजन के बाद के सत्रों की अध्यक्षता नगालैंड सरकार के प्रधान सचिव (आईटी) के डी विज़ो ने की। लोक शिकायत निवारण औरनगालैंड में ई-ऑफिस,लोक शिकायतों का सीपीजीआरएएमएस निवारण, लोक शिकायत निवारण और पूर्वोत्तर राज्यों में ई-ऑफिस, ‘सिक्किम में ई-ऑफिस,अरुणाचल में नागरिक केंद्रित योजना’ तवांग मेंलोक शिकायतों का निवारण विषय पर प्रस्तुतियां दी गईं।

तीसरे सत्र में पूर्वोत्तर राज्यों में गुड गवर्नेंस व्यवहारों पर हुई चर्चा की अध्यक्षता अरुणाचल सरकार के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य/वित्त)डॉ. शरत चौहान ने की। इसमें जलवायु परिवर्तन शमन के माध्यम से नैतिक शासन, सरकार में प्रोसेस रीइंजीनियरिंग-संशोधित सीपीजीआरएएमएस, चांगलांग में प्लास्टिक श्रेडिंग इकाई, नामसाई में पर्यटन,उत्तर पूर्वी पर्वतीय स्थलों में जल संरक्षण- सियालसीर गांव से सबक और कोकराझार में कोविड प्रबंधन पर प्रस्तुतियां दी गईं। सम्मेलन के चौथे सत्र में जिला गुड गवर्नेंस सूचकांक विषय पर चर्चा हुई जिसकी अध्यक्षता डीएआरपीजी के संयुक्त सचिव एनबीएस राजपूत ने की। अरुणाचल प्रदेश के लिए डीजीजीआई सूचकांक और जम्मू-कश्मीर के डीजीजीआई पोर्टल पर प्रस्तुतियां दी गईं।

दूसरे दिन के पांचवें सत्र में गुड गवर्नेंस पर चर्चा हुई। इसकी अध्यक्षता अंतर राज्य परिषद, गृह मंत्रालय, के अपर सचिव श्रीराम तरणीकांति ने की। इस सत्र मेंनलबाड़ी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पूर्वोत्तर राज्यों में शिक्षा पहल, प्रशासन में प्रौद्योगिकी, मेघालय में ई-ऑफिस,पूर्वी सियांग में मिशन इंद्रधनुषपर प्रस्तुतियां दी गईं। सम्मेलन प्रशासनिक प्रशिक्षण में श्रेष्ठ व्यवहारों के निर्माण और कार्यान्वयन, नागरिक केंद्रित शासन में सहायता के लिए क्षमता सृजन, ई-गवर्नेंस के माध्यम से लोक सेवा डिलिवरी में सुधार,पारदर्शी, उत्तरदायीतथा नागरिक-अनुकूल प्रभावी प्रशासन में अनुभव साझा करने के लिए समान प्लेटफॉर्म बनाने का एक प्रयास है। सम्मेलन डीएआरपीजी के सचिव वी. श्रीनिवास तथा अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव धर्मेंद्र के समापन भाषण के साथ संपन्न हुआ।

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