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एनसीआर क्षेत्रीय सड़क संपर्क मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करेगा

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नई दिल्ली (मा.स.स.). परिवहन सचिवों/एनसीआर के आयुक्तों (सीओटीएस) की एक बैठक के दौरान हरियाणा, एनसीटी-दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सरकारों के बीच संयुक्त पारस्परिक सामान्य परिवहन समझौते (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज एंड स्टेज कैरिज) [सीआरसीटीए] की स्थिति, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के राज्यों के बीच अंतर्राज्यीय सड़क/संपर्कों, सड़क सुरक्षा और एनसीआर में चलने वाली सीएनजी/इलेक्ट्रिक बसों की संभावनाओं को तलाशने के बारे में विचार-विमर्श किया गया।

सीओटीएस (परिवहन सचिवों/एनसीआर आयुक्त) की बैठक 19 सितंबर 2022 को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की सदस्य सचिव मती अर्चना अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। बैठक में अन्य लोगों के अलावा हरियाणा के परिवहन विभाग में प्रमुख सचिव, दिल्ली के जीएनसीटी में विशेष आयुक्त परिवहन आयुक्त, शहरी विकास, जीएनसीटी दिल्ली और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग, एनएचएआई, एमओआरटीएच, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली और हरियाणा, पीएनजीआरबी, एमओपीएन एंड जी, आईजीएल डीडीए, जीएमडीए, यूटीटीपीईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अध्यक्ष ने भाग लेने वाले राज्यों के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की और सहयोग के लिए सभी राज्य सरकारों और विशेष रूप से एनसीआर राज्यों के सचिवों/परिवहन आयुक्तों को सीआरसीटीए समझौते को अंतिम रूप देने में सक्रिय दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। बैठक में यह बात सामने आई कि एनसीआर राज्यों ने अधिसूचना जारी करने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की ताकि एनसीआर राज्यों के सभी मोटर कैब/टैक्सी/ऑटो रिक्शा, शैक्षणिक संस्थान वाहन और राज्य परिवहन उपक्रम (सिटी बस सेवाओं सहित) की स्टेज कैरिज बसें इस तरह के किसी शुल्क/कर अथवा किसी अन्य नाम से ऐसे किसी कर के बिना एनसीआर में चल सकें। जब एक बार सीआरसीटीए के तहत एनसीआर में पंजीकृत ऐसे वाहनों द्वारा किसी एक एनसीआर राज्य में करों का भुगतान कर दिया गया हो और भाग लेने वाले अन्य एनसीआर राज्यों द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित हो।

इसके अलावा, विचार-विमर्श के दौरान चल रहे वाहनों के स्थान के ट्रेकिंग उपकरणों और सीआरसीटीए के तहत ऐसे सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर सुनिश्चित करने और एमओआरटीएच, भारत सरकार के मोटर वाहन एग्रीगेटर्स दिशानिर्देशों-2020 की भावना में एनसीआर के लिए मोटर वाहन एग्रीगेटर्स के नियम बनाने और सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम करने पर जोर दिया गया। दिल्ली के लिए केवल सीएनजी पर चलने वाली बसों या पर्यावरण अनुकूल ईंधन की अनुमति देने के जीएनसीटी के प्रस्ताव पर भी विस्तार से विचार किया गया था और एनसीआर राज्यों से अनुरोध किया गया था कि वे अपनी डीजल बसों को सीएनजी में परिवर्तित करने/अपनी डीजल बसों ईवी को हटाने की संभावनाओं का पता लगाएं। बैठक के दौरान एनसीआर राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार की संबद्ध एजेंसियों/विभागों के साथ अंतर-राज्यीय संपर्क सड़कों/संपर्कों के मुद्दों पर लगातार चल रही बातचीत पर विचार-विमर्श किया गया और बैठक में निम्नलिखित की समीक्षा की गई:

  • आश्रम चौक, दिल्ली से कालिंदी बाईपास रोड से फरीदाबाद बाईपास तक।
  • शाहदरा के साथ एलिवेटेड रोड ड्रेन-एलाइनमेंट फॉर्म चिल्ला रेगुलेटर (मयूर विहार के पास), सेक्टर -14 ए से नोएडा में एमपी -3 रोड (महामाया फ्लाईओवर)
  • गुड़गांव को जोड़ने वाली (एनपीआर के माध्यम से 150 मीटर लंबी 30 मीटर चौड़ी हरित पट्टी के साथ) क्षेत्रीय योजना के-II में 80 मीटर द्वारका लिंक।
  • गुड़गांव क्षेत्र को नजफगढ़ रोड से जोड़ने वाली 75 मीटर चौड़ी सड़क लिंक।
  • सेक्टर 168 और 167-ए, नोएडा को लालपुर गांव, फरीदाबाद से जोड़ने वाला पुल।
  • सेक्टर 149-ए और 150, नोएडा को तिलोरी गांव, फरीदाबाद से जोड़ने वाला पुल।
  • छपरौली और हाथवाला (गांव पानीपत, हरियाणा) के बीच यमुना पर पुल।
  • यूईआर-I, दिल्ली से एनएच-57 तक खेकड़ा शहर और उत्तर प्रदेश में यूईआर-II, दिल्ली से उत्तर प्रदेश में एनएच-57 तक ट्रोनिका सिटी।
  • महरौली-गुड़गांव रोड को एनएच-236 के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • रिंग रोड (इंदर लोक मेट्रो स्टेशन) से सड़क और मौजूदा यमुना नहर लिंक रोड एचआर सीमा तक।
  • दिल्ली रिज के रास्ते मौजूदा जीजीएन-महरौली सड़क को नेल्सन मंडेला टी-पॉइंट (वसंत कुंज फ्लाईओवर के पास) से जोड़ने वाली।
  • ग्वाल पहाड़ी मंडी गदाईपुर-जौनपुर सड़क का दिल्ली के अंधेरिया मोड़ तक उन्नयन।

बैठक में सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया और एनसीआर राज्यों से अनुरोध किया गया कि वे पीटीजेड कैमरों, एमडीआर के साथ आपातकालीन ट्रोमा केयर सेंटरों, राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और एनसीआर में एक्सप्रेसवे के साथ-साथ क्षेत्र में ब्लैक स्पॉट पर डेटा संकलित करें।

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