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पुलिस ने 2 लाख से अधिक मूल्य के नकली नोटों के साथ दो तस्करों को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह के दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से दिल्ली पुलिस ने 500 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं. इसके साथ ही पुलिस ने 5 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं जिनका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था. एफआईसीएन की तस्करी पड़ोसी देशों से बिहार और फिर दिल्ली तक की जाती थी. साउथ वेस्टर्न रेंज, स्पेशल सेल की एक टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए दोनों लोग बिहार के रहने वाले हैं. इनमें से एक राम प्रवेश और दूसरा अली असगर है जो रक्सौल से है. दोनों के पास से 500 रुपये के कुल 582 नकली भारतीय नोट बरामद किए गए हैं. आरोपी व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय FICN रैकेट का हिस्सा थे.

सीक्रेट ऑपरेशन से किया गिरफ्तार

सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एक समर्पित टीम को नियुक्त किया गया था. इस संबंध में गुप्त सूत्रों को विशेष कार्य सौंपे गए थे. इस सिंडिकेट के सदस्यों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई और आवश्यक कार्रवाई के मुताबिक खुफिया जानकारी इकट्ठी की गई. टीम की कठोर कोशिशों से पता चला कि नेपाल रक्सौल सीमा से भारत में FICN की आपूर्ति की जा रही है. यह भी पता चला कि इन तस्करों द्वारा इस मार्ग से दिल्ली और एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में FICN की आपूर्ति की जा रही थी. यह भी पता चला कि इन तस्करों द्वारा इस मार्ग के माध्यम से दिल्ली और एनसीआर सहित देश के विभिन्न भागों में एफआईसीएन पहुंचाया जा रहा था. 6 जुलाई को रैकेट के एक प्रमुख सदस्य के बारे में सूचना मिली थी.

इसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए आनंद विहार टर्मिनल के फुटऑवर ब्रिज के पास एक जाल बिछाया गया. गुप्त सूचना देने वाले की सूचना पर रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर एक व्यक्ति को पकड़ा गया जिसकी पहचान राम प्रवेश के रूप में हुई. उसके कब्जे से 500 रुपये के 578 नकली नोट बरामद हुए जिनकी कीमत 2.89 लाख रुपये है.

पूछताछ में दोनों ने किए कई खुलासे

आरोपी राम प्रवेश राय से पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह दिल्ली एनसीआर में ठेकेदार के रूप में काम करता है और उससे वह ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पाता है. जल्दी पैसा बनाने के लिए उसने अपने सहयोगी अली असगर के साथ एफआईसीएन की तस्करी शुरू कर दी. वह अली से मुजफ्फरपुर में अपने गांव में मिला था. इसके बाद 12 जुलाई को अली असगर को मुजफ्फरपुर, बिहार से गिरफ्तार किया गया. पीसी रिमांड के दौरान, अली असगर की निशानदेही पर, 500 रुपये के FICN के 4 नोट भी बरामद किए गए.

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पूछताछ के दौरान अली असगर ने खुलासा किया कि आसिफ नाम का व्यक्ति रैकेट का सरगना है. आसिफ, नेपाल सीमा से एफआईसीएन की तस्करी करता है. आसिफ एक आदतन अपराधी है और उसे पहले भी स्पेशल सेल द्वारा एफआईसीएन के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है. अली असगर ने यह भी खुलासा किया कि आसिफ अंसारी नामक एक व्यक्ति के साथ मिलकर नेपाल या बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान से FICN खरीदता है और उसे भारत-नेपाल या भारत-बांग्लादेश सीमा के पार भेजता है.

साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।