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तानुर नाव हादसा लालच और उदासीनता का घातक परिणाम : केरल हाई कोर्ट

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तिरुवनंतपुरम. तानुर नाव हादसे (Tanur Boat Tragedy) पर केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने दुख व्यक्त किया. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने रजिस्ट्री को जनहित में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका दायर करने का निर्देश दिया. बता दें कि 8 मई को केरल के मलप्पुरम जिले के तानुर के पास नाव पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई थी. न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने क्षेत्र के प्रभारी बंदरगाह अधिकारी से घटना का विवरण मांगा है. हाई कोर्ट ने दुर्घटना को ‘सदमे में डालने वाला’ और ‘भयावह’ बताया है

केरल हाईकोर्ट ने मलप्पुरम जिला कलेक्टर को 12 मई तक एक रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया है. अदालत ने नाव की दुखद घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए राज्य सरकार की भी आलोचना की है. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त नाव में करीब 40 लोग सवार थे. न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और न्यायमूर्ति शोभा अन्नम्मा एपेन की पीठ ने कहा कि उनका दिल रो रहा था और बेजान बच्चों को देखने के बाद उनकी रातों की नींद उड़ गई थी.

हाईकोर्ट ने कहा कि यह दुर्घटना ‘निष्ठुरता, लालच और आधिकारियों की उदासीनता का घातक’ परिणाम है. कोर्ट ने आगे कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए याचिका दायर कर रही है कि ऐसी घटना दोबारा न हो. पीठ ने कहा कि साल 1924 के बाद से नियमित अंतराल पर राज्य में इस तरह की नौका त्रासदी हो रही हैं, जो डराने वाली हैं. साल 1924 में कोल्लम से कोट्टायम जाने वाली एक नौका के पालना में डूबने की घटना में केरल ने महाकवि कुमारनासन को खो दिया था, जो केरल के जाने माने कवियों में से एक थे. जिले के अधिकारियों के अनुसार, हादसे में मारे गए लोगों में से 15 नाबालिग हैं जिनकी उम्र आठ महीने से लेकर 17 वर्ष तक है. बताया जाता है कि नौका में 37 लोग सवार थे

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने की घायलों से मुलाकात
हालांकि, राज्य के राजस्व मंत्री के. राजन ने नाव में सवार लोगों की सही आंकड़े का अब तक उल्लेख नहीं किया है. इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पीड़ितों से मिलने पहुंचे. उन्होंने यहां ताल्लुका अस्पताल में मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात की. इससे पहले विजयन ने रविवार को घटना को लेकर शोक व्यक्त किया था. उन्होंने कहा था, ‘मलप्पुरम में तानुर नाव दुर्घटना में लोगों की दुखद मौत से गहरा दुख हुआ है. जिला प्रशासन को बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से समन्वयित करने का निर्देश दिया है, जिसकी निगरानी कैबिनेट मंत्रियों द्वारा की जा रही है. पीड़ित परिवारों और दोस्तों के प्रति हार्दिक संवेदना.’

PM मोदी ने जताया दुख
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना में हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. रविवार रात को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर कहा गया, ‘केरल के मलप्पुरम में नाव दुर्घटना के कारण हुए जानमाल के नुकसान से पीड़ित व शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना. PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रदान की जाएगी.’ पीएम मोदी के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि नाव पलटने की घटना में जानमाल के नुकसान से गहरा दुख हुआ है और वह शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं.

साभार : न्यूज़ 18

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