सोमवार, फ़रवरी 23 2026 | 03:03:57 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / खालिस्तानियों ने हिन्दुओं को कनाडा छोड़ने का सुनाया फरमान

खालिस्तानियों ने हिन्दुओं को कनाडा छोड़ने का सुनाया फरमान

Follow us on:

टोरंटो. खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत और कनाडा के बीच तनाव चरम पर है. कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो खुलकर खालिस्तान समर्थकों के पक्ष में आ गए हैं. ऐसे में खालिस्तानियों ने कनाडा में खुलेआम जहर उगलना शुरू कर दिया है. दरअसल, खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने भारतीय मूल के हिंदुओं को तुरंत कनाडा छोड़ने के लिए कहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2019 से प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने भारतीय मूल के हिंदुओं को धमकी दी है, कि वो तत्काल कनाडा छोड़कर भारत लौट जाए. एसएफजे के वकील गुरपतवंत पन्नून ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उन्होंने भारतीय मूल के हिन्दुओं को लेकर कहा है कि आप न केवल भारत का समर्थन करते हैं बल्कि आप खालिस्तान समर्थक सिखों के भाषण और अभिव्यक्ति के दमन का भी समर्थन कर रहे हैं. बता दें कि पन्नून को भारत में आतंकवादी घोषित किया गया है.

जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद उग्र हुए खालिस्तानी 

यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब मंगलवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने जून में मारे गए खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर को “कनाडाई नागरिक” बताया है.  इतना ही नहीं, उन्होंने भारत सरकार और निज्जर की मौत के बीच संभावित कनेक्शन का आरोप लगाया है. जिसके बाद कनाडाई पीएम के दावों को भारत ने बेतुका कहकर खारिज कर दिया .

भारत ने कनाडा पर लगाया उकसाने का आरोप 

साथ ही आरोप लगाया कि वह भड़काने की कोशिश कर रहा है. इस बयान के कुछ घंटे बाद ट्रूडो ने जोर देकर कहा कि कनाडा ‘उकसाने या भड़काने’ की कोशिश नहीं कर रहा है. कैनेडियन हिंदूज़ फ़ॉर हार्मनी के प्रवक्ता विजय जैन ने पन्नून की धमकी पर चिंता व्यक्त की.  उन्होंने कहा कि हम शहर में हर तरफ हिंदूफोबिया देख रहे हैं.

दोनों तरफ से ताबड़तोड़ कार्रवाई 

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के बयान के बाद कनाडा सरकार ने भारतीय डिप्लोमैट को निष्कासित कर दिया.  भारत ने कनाडा के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कनाडा के डिप्लोमैट को भी 5 दिन के भीतर दिल्ली छोड़ने के लिए कह दिया है.  ऐसे में दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है.

साभार : एबीपी न्यूज़

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www.amazon.in/dp/9392581181/

https://www.flipkart.com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

शाहपुर कंडी बांध परियोजना का निर्माण कार्य और रावी नदी का प्रवाह।

सिंधु जल संधि: भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान में ‘जल प्रलय’, 75 लाख लोगों पर भुखमरी का साया

इस्लामाबाद. 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा सिंधु …