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फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों की गलती से अस्पताल में मारे गए थे 471 लोग : ह्यूमन राइट्स वॉच

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गाजा. ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने रविवार (26 नवंबर) को कहा कि सबूतों से पता चलता है कि एक मिसफायर रॉकेट की वजह से गाजा के अल-अहली अस्पताल में सैंकड़ो लोग मारे गए थे. इस हमले ने दुनिया का ध्यान गाजा की ओर खींचा था. अल अहली अस्पताल पर हमले के लिए हमास ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था, लेकिन तब इजरायल ने कहा था कि अस्पताल पर रॉकेट हमले में फिलिस्तीनी समूह जिम्मेदार है, क्योंकि ये उसी के मिसफायर रॉकेट की वजह से हुआ है.

एचआरडब्ल्यू ने भी ऐसे ही संकेत दिए. संगठन ने कहा, ” गाजा के अल-अहली अरब अस्पताल में 17 अक्टूबर, 2023 को जिस विस्फोट में कई नागरिक मारे गए और घायल हुए वह एक स्पष्ट रॉकेट हमले की वजह से हुआ था. इस तरह के रॉकेट सिस्टम आमतौर पर फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है.” एचआरडब्ल्यू ने कहा कि अल-अहली अस्पताल विस्फोट की जांच कई तस्वीरे, वीडियो, सैटेलाइट इमेजरी, गवाहों और विशेषज्ञों के इंटरव्यू की समीक्षा के पर आधारित हैं.

हमास ने उठाए सवाल

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने हमास के वरिष्ठ अधिकारी बासेम नईम के हवाले से बताया कि सभी संकेत इजरायल को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं. इसके अलावा अधिकारी ने एचआरडब्ल्यू की रिपोर्ट पर सवाल उठाया और कहा, एचआरडब्ल्यू रिपोर्ट इजरायल के प्रति पक्षपाती थी और “निर्णायक” नहीं थी.

इजरायल ने की एचआरडब्ल्यू की आलोचना

इजरायल के विदेश मंत्रालय में सार्वजनिक कूटनीति के उप-महानिदेशक इमैनुएल नहशोन ने एचआरडब्ल्यू को अपनी राय जारी करने में लगने वाले समय को लेकर आलोचना की. उन्होंने कहा, जिस राय को कायम करने में दुनिया को दो दिन भी नहीं लगे, लेकिन इसमें एचआरडब्ल्यू को एक महीने का वक्त लग गया. एचआरडब्ल्यू ने कहा कि अल-अहली अस्पताल में करीब 471 लोग मारे गए थे और 342 लोग घायल हुए थे. घायल और मरने वाले का अनुपात बताता है कि हमले की तीव्रता कितनी तेज थी.

साभार : एबीपी न्यूज़

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