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नेपाल में विमान क्रैश होने से 18 यात्रियों की मौत, पायलट गंभीर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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काठमांडू. नेपाल की राजधानी काठमांडू में एक विमान क्रैश हो गया है। प्लेन में सवार 19 लोगों में से 18 की मौत हो गई है। वहीं घायल पायलट कैप्टन मनीष शाक्य को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है। प्लेन काठमांडू से पोखरा जा रहा था। प्लेन ने सुबह करीब 11 बजे त्रिभुवन एयरपोर्ट से उड़ान भरी। इसके कुछ ही देर के अंदर यह क्रैश हो गया। 9N-AME प्लेन सूर्या एयरलाइन्स का था। हादसे में मारे गए लोगों में से 17 सूर्या एयरलाइंस के ही स्टाफ थे, जबकि बाकी 2 क्रू मेंबर्स थे।

काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद पुलिस और फायर फाइटर्स की टीम घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पहुंची। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि क्रैश के बाद विमान में आग लग गई थी। इसे तुरंत बुझा दिया गया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में धुएं का गुबार उठता दिख रहा है। हालांकि, हादसा किस वजह से हुआ इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

चश्मदीद बोले- टेकऑफ करते ही झटका लगा, फिर क्रैश हो गया

घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने काठमांडू पोस्ट से बात करते हुए कहा, “प्लेन रनवे के दक्षिणी छोर से टेकऑफ कर रहा था। अचानक से इसमें झटका लगा और यह रनवे पर फिसल गया। इसका विंग जमीन से टकराया और विमान में आग लग गई। इसके बाद यह रनवे के पूर्वी हिस्से में बुद्धा एयर हैंगर और रडार स्टेशन के बीच एक गड्ढे में गिर गया।”

नेपाल में पिछले साल विमान हादसे में 68 लोगों की मौत हुई थी

नेपाल में इससे पहले 14 जनवरी 2023 को बड़ा विमान हादसा हुआ था। यति एयरलाइंस का प्लेन काठमांडू से 205 किमी दूर पोखरा में क्रैश हो गया था। यह ATR-72 प्लेन था, जिसमें 68 यात्री और चार क्रू मेंबर सवार थे। विमान पोखरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंडिंग से महज 10 सेकेंड पहले पहाड़ी से टकरा गया था। इससे प्लेन में आग लगी और वह खाई में जा गिरा था। हादसे में सभी 68 लोगों की मौत हो गई थी।

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साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।