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एलन मस्क अब नहीं देंगे गाजा को अपनी ‘स्टारलिंक’ इंटरनेट सेवा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

गाजा. अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यहूदी समुदाय के संबंध में पक्षपाती पोस्ट को बढ़ावा मिलने के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे एलन मस्क ने इजरायल का दौरा किया। मस्क और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कफर अजा किबुत्ज का दौरा किया, जहां हमास के उग्रवादियों ने सात अक्टूबर को भीषण हमला किया था, जिसके बाद युद्ध शुरू हो गया था। नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी किए गए वीडियो के अनुसार, मस्क ने एक सुरक्षात्मक परिधान पहन रखे थे और सुरक्षाकर्मियों की एक टोली से घिरे हुए थे।

मस्क और प्रधानमंत्री ने कुछ पीड़ितों के घरों का दौरा किया, जिसमें इजरायल और अमेरिका की दोहरी नागरिकता वाली चार वर्षीय लड़की अबीगैल एडन का परिवार भी शामिल था, जिसे उसके माता-पिता की हत्या के बाद हमास की ओर से बंधक बना लिया गया था। मस्क ने बाद में नेतन्याहू के साथ ‘एक्स स्पेसेज’ बातचीत में कहा, ‘नरसंहार के दृश्य को देखना परेशान करने वाला था।’ मस्क ने कहा कि वह उन वीडियो और तस्वीरों से परेशान हैं जो प्रधानमंत्री ने उन्हें बच्चों सहित नागरिकों की हत्याओं के बारे में दिखाईं।

राष्ट्रपति से भी मिलेंगे मस्क

मस्क का इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग और पूर्व रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज से भी मिलने का कार्यक्रम है। सरकार के प्रवक्ता इलोन लेवी ने यह कहने से इनकार कर दिया कि क्या मस्क को आमंत्रित किया गया था। एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया। इजरायल के संचार मंत्री श्लोमो करही ने पोस्ट कर उस समझौते के बारे में बताया था, जो उनके मंत्रालय ने मस्क की स्टारलिंक उपग्रह इंटरनेट कंपनी के साथ किया था।

बिना मंजूरी गाजा में कोई इंटरनेट नहीं

मस्क ने सुझाव दिया था कि गाजा में मदद से जुड़ी एजेंसियों को स्टारलिंक के जरिए इंटरनेट सुविधा दी जाए। करही ने अधिक विवरण प्रदान किए बिना पोस्ट में कहा, ‘इस महत्वपूर्ण समझौते के परिणामस्वरूप, स्टारलिंक उपग्रह इकाइयों को केवल इजराइली संचार मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही गाजा पट्टी सहित इजरायल में संचालित किया जा सकता है। बिना मंजूरी कोई इंटरनेट नहीं मिलेगा।’ पिछले साल ट्विटर को खरीदने के बाद से मस्क को प्रमुख यहूदी नागरिक अधिकार संगठन ‘एंटी-डिफेमेशन लीग’ और अन्य लोगों की ओर से मंच पर यहूदी विरोधी संदेशों को नहीं हटाने के लिए आरोपों का सामना करना पड़ा है।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।