शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 07:42:42 PM

ईडी ने पंजाब के पूर्व मंत्री भारत भूषण को किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

चंडीगढ़. पंजाब के लुधियाना से वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को ED की टीम ने जालंधर कार्यालय में गिरफ्तार कर लिया है। भारत भूषण आशु गुरुवार सुबह ईडी कार्यालय पहुंचे थे। जहां शाम तक लगातार पूछताछ की जा रही थी। ईडी सूत्रों के मुताबिक ईडी ने पूछताछ के बाद आशु के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु जब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के प्रभारी थे, तब उन पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए के टेंडरों में घोटाले का आरोप लगा था। पंजाब की मंडियों में लेबर और ट्रांसपोर्टेशन के टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई थी। इसके बाद तलाशी के दौरान ईडी को करीब डेढ़ करोड़ रुपए की संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। इस दौरान करीब 30 लाख रुपए भी जब्त किए गए थे।

पंजाब विजिलेंस भी कर चुकी जांच

ये मामला पहले पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से उठाया गया था। इस मामले में विजिलेंस कोर्ट में चालान भी पेश कर चुकी है। इसके बाद इस मामले से जुड़े दस्तावेज ईडी ने मांगे थे और मामले की जांच अपने स्तर पर शुरू की थी। सूचना के अनुसार ईडी ने भारत भूषण आशु को आज पेश होने के लिए कहा था।

जाने क्या है टेंडर घोटाला : स्कूटर, बाइक पर माल की ढुलाई दिखाई

लेबर ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाला में अनाज मंडियों में आरोपी वाहनों पर नकली नंबर प्लेट लगाकर माल की ढुलाई करते थे। वहीं, आरोपियों ने टेंडर लेने से पहले विभाग में गलत वाहनों के नंबर लिखवा दिए। जांच के दौरान पता चला कि जो नंबर लिखवाए थे वह स्कूटर, बाइक आदि टू-व्हीलर के थे। जिन वाहनों के यह नंबर हैं, वह माल ढोने के लिए मान्य ही नहीं हैं। इस मामले में करीब 2 महीने पहले कुछ ट्रांसपोर्ट मालिकों व ठेकेदारों की ओर से उस समय के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर कुछ कॉन्ट्रेक्टर और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने और करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप लगे थे। अब इस मामले में जांच के बाद विजिलेंस की ओर से FIR दर्ज करके गिरफ्तारी करनी शुरू कर दी गई है। आशु पर टेंडरिंग के 2 हजार करोड़ के घोटाले का भी आरोप है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।