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सीएम भगवंत मान के हलके में गरमाया शिक्षकों का आंदोलन; माथे पर काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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संगरूर । शुक्रवार, 19 जून 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र धूरी (संगरूर) में अपनी जायज मांगों और बैकलॉग नियुक्तियों को लेकर संघर्ष कर रहे 5994 बेरोजगार ईटीटी (ETT) शिक्षकों का पक्का धरना आज 11वें दिन में प्रवेश कर गया है। भीषण गर्मी और तपती सड़कों पर दिन-रात डटे इन शिक्षकों का आंदोलन अब धीरे-धीरे पूरे पंजाब में सुलगने लगा है। आंदोलन को चौतरफा समर्थन देने के लिए शनिवार को पंजाब भर से विभिन्न शिक्षक यूनियनें और भारी संख्या में बेरोजगार अध्यापक धूरी के धरना स्थल पर पहुंचे।

प्रशासनिक अनदेखी से खफा और निराश शिक्षकों ने अपने माथे पर काली पट्टियाँ बांधकर पंजाब सरकार के खिलाफ तीखा रोष व्यक्त किया। हाथों में सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे शिक्षकों के कारण पूरे धूरी शहर में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा।

“मैं शिक्षक हूँ, अपराधी नहीं” – नारों से गूंजा माहौल

धरना स्थल पर सबसे ज्यादा ध्यान प्रदर्शनकारियों के हाथों में थमी उन तख्तियों ने खींचा, जिन पर “I Am Teacher, Not A Criminal” (मैं शिक्षक हूँ, अपराधी नहीं) लिखा था। शिक्षकों ने पंजाब सरकार के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शिक्षक नेताओं ने संबोधित करते हुए कहा:

“यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक है कि राष्ट्र का निर्माण करने वाले योग्य और शिक्षित अध्यापकों को अपनी नौकरी और जायज मांगों के लिए सड़कों पर बैठकर अपराधियों की तरह बर्ताव झेलना पड़ रहा है और इस तरह के नारे लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।”

टावर पर चढ़े शिक्षक की बिगड़ रही तबीयत, 7 बार बैठकें रद्द करने का आरोप

इस आंदोलन की सबसे संवेदनशील और गंभीर कड़ाई यह है कि बेरोजगार शिक्षकों की मांगों को अनसुना किए जाने से तंग आकर उनके एक साथी हरजीत सिंह पिछले कई दिनों से धूरी में एक मोबाइल टावर पर चढ़े हुए हैं। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच टावर पर डटे हरजीत सिंह की तबीयत अब लगातार बिगड़ती जा रही है।

शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि:

  • वे पिछले लगभग 4 साल से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठा रहे हैं।

  • सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा लगातार झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

  • प्रदर्शनकारियों ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनकी शिक्षा मंत्री के साथ होने वाली आधिकारिक बैठक को 7 बार रद्द किया जा चुका है, जो सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

क्या हैं ETT 5994 शिक्षकों की प्रमुख मांगें?

यह भर्ती प्रक्रिया साल 2022 से चल रही है, जिसमें कुल 5,994 पदों में से 2,994 पद बैकलॉग के रूप में आरक्षित थे। लिखित परीक्षा मार्च 2023 में आयोजित की गई थी और जुलाई 2023 में परिणाम भी घोषित कर दिए गए थे। इसके बावजूद, कानूनी अड़चनों (जैसे पंजाबी भाषा के पेपर का विवाद जो हाई कोर्ट तक पहुंचा) और प्रशासनिक हीलाहवाली के कारण योग्य उम्मीदवारों की स्टेशन चॉइस और अंतिम ज्वाइनिंग रुकी हुई है। शिक्षक मांग कर रहे हैं कि सरकार तुरंत लिखित रूप में बैकलॉग भर्ती की प्रक्रिया पूरी करे और उन्हें तत्काल नियुक्तियां दे।

मांगें पूरी होने तक आर-पार की लड़ाई का एलान

शिक्षक यूनियनों ने मुख्यमंत्री के गृह जिले (संगरूर) के अंतर्गत आते धूरी मंच से पंजाब सरकार को खुली और स्पष्ट चेतावनी दी है। नेताओं ने साफ किया है कि यदि उनकी मांगों का तुरंत निपटारा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में इस शांत संघर्ष को पूरे पंजाब स्तर पर फैलाया जाएगा और इसे एक उग्र आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

जब तक पंजाब सरकार लिखित रूप में उनकी बैकलॉग भर्ती व अन्य मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक धूरी की धरती पर यह ‘पक्का मोर्चा’ दिन-रात लगातार जारी रहेगा।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।