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यंदाच्या रब्बी हंगामात 428 लाख हेक्टरहून अधिक पीक पेरणी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कृषी आणि शेतकरी कल्याण विभागाने 2 डिसेंबर 2024 रोजी रब्बी पिकांखालील क्षेत्राची वाढ जाहीर केली आहे.

Area:  In lakh hactare

S.

No.

CropNormal Area (DES)

(2018-19 – 2022-23)

Area Sown
2024-252023-24
1Wheat312.35200.35187.97
2Rice42.029.759.16
3Pulses140.44108.95105.14
aGram100.9978.5274.39
bLentil15.1313.4512.77
cFieldpea6.507.547.43
dKulthi1.982.092.70
eUrdbean6.152.212.49
fMoongbean1.440.220.50
gLathyrus2.792.282.59
hOther Pulses5.462.642.28
4Shri Anna & Coarse cereals53.8229.2424.67
aJowar24.3717.4314.06
bBajra0.920.050.06
cRagi0.680.530.37
dSmall Millets0.110.090.00
eMaize22.116.876.53
fBarley5.634.273.65
5Oilseeds86.9780.5584.85
aRapeseed & Mustard79.1675.8680.06
bGroundnut3.821.972.11
cSafflower0.720.470.40
dSunflower0.760.200.15
eSesamum0.580.030.07
fLinseed1.931.881.93
gOther Oilseeds0.000.130.13
Total Crops635.60428.84411.80

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।