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सिविल जज भर्ती नियम: LLM नहीं है बार प्रैक्टिस का विकल्प, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया परिसर और न्याय की देवी की प्रतिमा का दृश्य
नई दिल्ली । शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती में एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि कानून में पोस्ट-ग्रेजुएशन (LL.M.) की पढ़ाई को कोर्टरूम में वास्तविक वकालत (Bar Practice) का विकल्प नहीं माना जा सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस संबंध में दायर पुनर्विचार याचिकाओं (Review Petitions) को खारिज कर दिया।
मामले की पृष्ठभूमि और पुनर्विचार याचिकाएं
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा में प्रवेश से पहले वकालत के व्यावहारिक अनुभव को पुनः अनिवार्य किया था। इस फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने याचिका दाखिल कर मांग की थी कि LL.M. या अन्य लीगल पोस्ट-ग्रेजुएशन को 1 से 3 साल के कोर्टरूम एक्सपीरियंस के बराबर दर्जा दिया जाए।
अदालत ने 2:1 के बहुमत से यह मांग अस्वीकार कर दी। पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस ए. जी. मसीह बहुमत में रहे, जबकि जस्टिस के. विनोद चंद्रन ने असहमति जताई।
भर्ती नियमों में बदलाव और राहत की समय-सीमा
न्यायालय ने अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए एक संक्रमणकालीन व्यवस्था (Transitional Phase) तय की है:
  • 31 मार्च 2027 तक राहत: इस तारीख तक जारी होने वाली सभी भर्ती अधिसूचनाओं के लिए बिना पूर्व प्रैक्टिस वाले नए लॉ ग्रेजुएट्स आवेदन कर सकेंगे।
  • चयन के बाद अनिवार्य प्रशिक्षण: चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति के तुरंत बाद 1 वर्ष स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी में ट्रेनिंग और 1 वर्ष संरचित लॉ क्लर्कशिप करनी होगी। इस 2 वर्ष की अवधि को प्रैक्टिस के रूप में मान्यता मिलेगी।
  • 1 अप्रैल 2027 से लागू नियम: 1 अप्रैल 2027 या उसके बाद आने वाले विज्ञापनों में सिविल जज परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को कम से कम 1 वर्ष की वास्तविक Bar Practice का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
FAQ
Q1: क्या LL.M. डिग्री धारक बिना बार प्रैक्टिस के सिविल जज बन सकते हैं?
उत्तर: नहीं, सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के तहत LL.M. या किसी अन्य उच्च शैक्षणिक डिग्री को कोर्टरूम प्रैक्टिस के विकल्प के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Q2: नए लॉ ग्रेजुएट्स कब तक बिना बार प्रैक्टिस के सिविल जज परीक्षा दे सकते हैं?
उत्तर: 31 मार्च 2027 तक निकलने वाली भर्ती अधिसूचनाओं में नए स्नातक बिना पूर्व प्रैक्टिस के आवेदन कर सकते हैं।
Q3: 1 अप्रैल 2027 के बाद सिविल जज बनने के लिए न्यूनतम कितना अनुभव अनिवार्य होगा?
उत्तर: 1 अप्रैल 2027 या उसके बाद जारी विज्ञापनों के लिए परीक्षा में बैठने से पहले कम से कम 1 वर्ष की वास्तविक बार प्रैक्टिस आवश्यक होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख सुप्रीम कोर्ट के हालिया न्यायिक निर्णयों और उपलब्ध समाचार स्रोतों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक राज्य न्यायिक सेवा अधिसूचनाओं का अवलोकन अवश्य करें।
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