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आप ने भगत सिंह और अंबेडकर के बीच लगाई अरविंद केजरीवाल की फोटो

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. दिल्ली के सीएम केजरीवाल की पत्नी गुरुवार को वीडियो ब्रीफिंग की। इस दौरान उनके बैकग्राउंड में भगत सिंह और बीआर अंबेडकर की तस्वीर के साथ अरविंद केजरीवाल की फोटो लगी थी। इसके बाद बीजेपी ने इसकी आलोचना की और कहा कि केजरीवाल को भगत सिंह और अंबेडकर की बराबरी में नहीं लगाना चाहिए। वहीं इस पर आप की प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि केजरीवाल आज बीजेपी की तानाशाही के खिलाफ चल रहे संघर्ष के प्रतीक हैं और उनकी तस्वीर इस बात का सबूत है।

बीजेपी के खिलाफ संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम की तरह: आतिशी

आतिशी ने कहा, “केंद्र की बीजेपी सरकार ने झूठे आरोप में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया है। अरविंद केजरीवाल आज भाजपा की तानाशाही के खिलाफ चल रहे संघर्ष के प्रतीक हैं और उनकी तस्वीर इस बात का सबूत है। यह हमें याद दिलाने के लिए है कि आज भाजपा के खिलाफ जो संघर्ष चल रहा है, वह किसी स्वतंत्रता संग्राम से कम नहीं है। एक समय था, जब देश की जनता अंग्रेजों के खिलाफ लड़ती थी। आज ऐसा समय है जब हमें भाजपा की तानाशाही के खिलाफ संघर्ष करना है और अरविंद केजरीवाल वही कर रहे हैं। बता दें, अरविंद केजरीवाल की तुलना भगत सिंह और बीआर अंबेडकर से करने पर आप की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। बीजेपी ने भी आप को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनता केजरीवाल की पार्टी के बहकावे में नहीं आएगी।

वीरेंद्र सचदेवा ने बताया कट्टर भ्रष्ट

दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक्स पर कहा, “भगत सिंह जी और बाबा साहेब अंबेडकर जी के बीच एक कट्टर भ्रष्ट अरविंद केजरीवाल की फोटो लगाना बेहद अफसोसजनक है। पहले पति कैमरे के सामने झूठ बोलते थे। अब जेल में रहकर वह अपनी पत्नी से झूठा बयान दिला रहे हैं। जनता आप के बहकावे में नहीं आने वाली है।”

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।