शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:50:51 AM

पूरी नीट यूजी परीक्षा को रद्द करना नहीं होगा तर्कसंगत : केंद्र सरकार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. विवादों में घिरी नीट यूजी परीक्षा मामले में शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। केंद्र ने सर्वोच्च अदालत को बताया कि नीट यूजी 2024 परीक्षा को रद्द करना तर्कसंगत कदम नहीं होगा। इससे लाखों ईमानदार छात्र गंभीर खतरे में आ जाएंगे।

सीबीआई को जांच का आदेश

छात्रों, उनके अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों ने सुप्रीम कोर्ट में परीक्षा के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं। अपने हलफनामे में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने सीबीआई से कथित अनियमितताओं के पूरे मामले की व्यापक जांच करने को कहा है।

परीक्षा को रद्द करना तर्कसंगत नहीं

हलफनामे में केंद्र ने यह भी कहा कि अखिल भारतीय परीक्षा में गोपनीयता के बड़े पैमाने पर उल्लंघन के किसी सबूत के अभाव में पूरी परीक्षा और पहले से घोषित परिणामों को रद्द करना तर्कसंगत नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि परीक्षा को पूरी तरह से रद्द करने से लाखों ईमानदार छात्र गंभीर रूप से खतरे में पड़ जाएंगे।

अब 8 जुलाई को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट अब 8 जुलाई को विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इसमें 5 मई को आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली याचिकाएं भी शामिल हैं। इन याचिकाओं में परीक्षा को नए सिरे से आयोजित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

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साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।