शनिवार, सितंबर 19 2026 | 12:16:50 PM

प्रयागराज महाकुंभ मेले में जमीन आवंटन को लेकर साधु-संतों में हुआ विवाद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लखनऊ. प्रयागराज में मेला प्राधिकरण कार्यालय में गुरुवार को उस वक्त अराजक स्थिति पैदा हो गई जब अखाड़ों के दो धड़ों के संतों के बीच भूमि आवंटन को लेकर विवाद भड़क गया. इस दौरान दोनों पक्षों के संतों ने एक-दूसरे पर जमकर मुक्के बरसाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया.

भूमि आवंटन को लेकर हुआ विवाद

सूत्रों के अनुसार, यह विवाद भूमि आवंटन से जुड़ा था, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों को लेकर आमने-सामने आ गए. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी और महामंत्री हरी गिरी की मौजूदगी में ही विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गई. घटना के दौरान मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने स्थिति को काबू करने की कोशिश की. हालांकि, संतों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि अधिकारियों को हस्तक्षेप करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले भी प्रयास किए गए थे, लेकिन दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिसके चलते स्थिति और बिगड़ गई. इस घटना ने मेले के वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है, और इसे लेकर श्रद्धालुओं में भी चिंता देखी जा रही है. मेला प्राधिकरण अब इस विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश कर रहा है ताकि आगामी आयोजनों पर इसका असर न पड़े.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।