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रेलवे ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया का इस्तीफा किया स्वीकार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा के दो पहलवानों विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को अपने पाले में कर लिया है। इससे पहले विनेश और बजरंग ने अपनी रेलवे की नौकरी से तत्काल इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद रेलवे ने दोनों पहलवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि, अब रेलवे ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को बड़ी राहत दे दी है और दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

क्या थी समस्या?

दरअसल, चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, जब तक विनेश फोगाट का इस्तीफा रेलवे मंजूर नहीं कर लेता और उन्हें एनओसी नहीं दे देता है। तब तक वो चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। उत्तर रेलवे का कहना है कि कारण बताओ नोटिस सेवा नियमावली का हिस्सा है, क्योंकि रेलवे के रिकॉर्ड में वो अभी भी सरकारी कर्मचारी हैं। हालांकि, अब बजरंग और विनेश का इस्तीफा स्वीकार हो गया है।

विनेश को जुलाना से टिकट

कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट के मुताबिक, महिला पहलवान विनेश फोगाट को राज्य की जुलाना विधानसभा सीट से टिकट दिया गया है। वहीं, बजरंग पूनिया चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्हें भारतीय किसान कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा गया है। रेलवे द्वारा इस्तीफा स्वीकार करने के बाद विनेश फोगाट के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

क्या बताया था इस्तीफे का कारण?

विनेश फोगाट ने रेलवे को भेजे गए अपने इस्तीफे में कहा था कि वह वर्तमान में रेलवे लेवल-7 के तहत ओएसडी/स्पोर्ट्स के पद पर कार्यरत हैं। विनेश ने कहा था कि वह अपने पारिवारिक परिस्थितियों/व्यक्तिगत कारणों की वजह से ओएसडी/खेल के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।