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सांसद बृजेंद्र सिंह ने भाजपा का साथ छोड़ थामा कांग्रेस का हाथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

चंडीगढ़. पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह (former Union Minister Birendra Singh) के बेटे और हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह (Hisar MP Brijendra Singh) लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2024) से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस में चले गए हैं।

दुष्यंत चौटाला ने बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने पर साधा निशाना

बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में जाने के बाद अब जजपा पार्टी के नेता और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने इशारों-इशारों में निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘दर-दर पे जाकर दुआ बदलते हैं। लोग ख़ुद नहीं बदलते, ख़ुदा बदलते हैं।’

महिला पहलवानों और किसानों का मुद्दा बताई पार्टी छोड़ने की वजह

इससे पहले पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बृजेंद्र सिंह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) की मौजूदगी में दिल्ली में कांग्रेस का दामन थाम लिया। बृजेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का धन्यवाद कहा और साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कई मुद्दों पर सहमती नहीं थी। किसानों का मुद्दा रहा है या फिर महिला पहलवानों का मुद्दा रहा है, कई कारण ऐसे थे कि बीजेपी के साथ आगे नहीं चल सकता था। कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिंह ने कहा कि दो अक्टूबर को जींद की रैली में एक मुद्दा जो उठाया गया था वह हरियाणा में बीजेपी-जेजेपी के गठबंधन को लेकर था। इसे लेकर फैसला लिया गया और वह भी एक कारण है जिस वजह से बीजेपी छोड़ रहा हूं।

कांग्रेस महासचिव सैलजा ने बृजेंद्र सिंह का किया पार्टी में स्वागत

कांग्रेस महासचिव सैलजा और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा (Kumari Selja) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि- वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह जी के बेटे, भाजपा से हिसार के सांसद बृजेंद्र सिंह जी भाजपा को छोड़कर, हम सबकी प्रेरणा स्त्रोत आदरणीया श्रीमती सोनिया गांधी जी, हमारे शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी एवं राहुल गांधी जी के विचारों में आस्था जताते हुए, आज कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। आज का दिन मेरे लिए हर्ष से भरा हुआ है क्योंकि चौधरी बीरेंद्र सिंह जी के परिवार से हमारा रिश्ता पीढ़ियों का है वो आज फिर से कांग्रेस में वापसी कर रहे हैं। मैं बृजेंद्र सिंह जी का हार्दिक स्वागत करती हूं एवं आशा करती हूं कि जल्द ही चौधरी बीरेंद्र सिंह जी भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे एवं न्याय की लड़ाई में हमारा साथ निभायेंगे।

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बीरेंद्र सिंह की भी कांग्रेस में जाने की थी अटकलें

इसी के चलते उन्होंने अहम फैसला लिया है। इससे पहले ऐसी खबरें थी कि उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रेमलता भी कांग्रेस में जा सकती हैं लेकिन अभी वह दोनों भाजपा में ही बने रहेंगे। बता दें पिछले कई माह से दोनों पिता-पुत्र कांग्रेस के संपर्क में हैं। बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लंच में भी शामिल हुए थे। इतना ही नहीं सार्वजनिक मंचों से सोनिया गांधी और राजीव गांधी की जमकर तारीफ भी कर चुके हैं।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।