गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 04:22:07 PM

मध्य प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में भी लागू होगा ड्रेस कोड

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य के सरकारी कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का नियम लेकर सामने आ सकती है। जानकारी के मुताबिक, राज्य की मोहन यादव सरकार ने ड्रेस कोड को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार पीएम श्री कालेजों में भी ड्रेस कोड लागू कर सकती है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को।

शिक्षा मंत्री ने दिया बयान

मध्य प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर परमार ने इस मामले में इंडिया टीवी से बातचीत की है। परमार ने कहा कि हिजाब अभी हमारे महाविद्यालय के गणवेश के विषय को नहीं रखता है। सर्व सहमति से ही हम ड्रेस कोड तय करेंगे। आपको बता दें कि  इंडिया टीवी से बातचीत में भोपाल के कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने भी कहा कि ड्रेस कोड होना चाहिए।

विरोध भी शुरू

ड्रेस कोड के मामले के सामने आते ही इस मामले पर विरोध भी शुरू हो गया है। भोपाल क्षेत्र से कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने ड्रेस कोड का विरोध करते हुए कहा कि कार ड्रेस कोड के जरिए हिजाब और बुर्के को लेकर छींटाकशी करना चाहती है। मसूद ने कहा कि यह नहीं चलेगा

ड्रेस कोड ऑप्शनल रखना चाहिए- कांग्रेस विधायक

कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि कर्नाटक में भी हिजाब पर बेवजह विवाद खड़ा किया गया था। संविधान की धारा 29, धारा 30 के मुताबिक हमें रिलिजियस आजादी है। मध्य प्रदश में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा मसूद ने कहा कि ड्रेस कोड को ऑप्शनल रखना चाहिए। गर्ल्स कॉलेज है तो छात्राएं बिना बुर्के के जा सकती हैं। लेकिन अगर गर्ल्स कॉलेज नहीं है तो वहां पर बुर्का पहनना चाहिए।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।