मंगलवार, सितंबर 15 2026 | 07:43:23 AM

पुलिस को तलाशी में मिला 46 साल से बंद मंदिर मिला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. यूपी के संभल में प्रशासन का लगातार एक्शन जारी है. संभल के जामा मस्जिद हिंसा के बाद से ही पुलिस-प्रशासन की सख्ती है. संभल में आज प्रशासन ने बिजली चोरों और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया. भारी संख्या में पुलिसबलों की मौजूदगी में प्रशासन ने जामा मस्जिद वाले इलाके में बिजली चोरों के तार काटे और अवैध कब्जे को मुक्त कराया. इसी एक्शन में एक मंदिर का खुलासा हो गया. जी हां, मुस्लिम बहुल इलाके में प्रशासन को 400 साल पुराना शिव मंदिर कैद में मिला. 48 साल से इस मंदिर पर कब्‍जा था. जब इलाके में बिजली चोरों को पकड़ने के लिए चेकिंग हो रही थी, तभी प्रशासन को यह मंदिर मिला. इस मंदिर में बाकायदा भगवान हनुमान, शिवलिंग, नंदी और कार्तिकेय की मूर्तियां मिली हैं. यह नजारा देखते ही पुलिस ने एक्शन लिया और मंदिर को अवैध कब्जे से आजाद कराया.

दरअसल, प्रशासन की टीम जामा मस्जिद इलाके में बिजली चोरों को पकड़ने गई थी. तभी मंदिर का रहस्य खुला. इस मंदिर के सामने खुदाई पर एक कुआं भी मिला है. संभल के डीएम का कहना है कि यह मंदिर 400 साल पुराना है. मंदिर पर कब्जा करने की तैयारी थी. अगर यह बिजली चोरी की चेकिंग नहीं होती तो मंदिर भी नहीं मिलता और इसे पूरी तरह कब्जे में ले लिया जाता. मंदिर पर अतिक्रमण की तैयारी थी. कार्रवाई न होने पर इस मंदिर को अंदर लेने की योजना थी. पुलिस की भारी मौजूदगी में इस मंदिर को खुलवाया गया और अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन हुआ. बताया जा रहा है कि संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घरसे यह मंदिर महज 200 मीटर दूर है. हिंदुओं के पलायन के बाद से ही मंदिर बंद था.

कैसे मिला मंदिर?

बीते दिनों संभल हिंसा के उपद्रवियों पर एक्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन के सामने दो बातें सामने आई थीं. एक बिजली चोरी और दूसरा अतिक्रमण. अब पुलिस-प्रशासन इस तैयारी में जुट गया कि कैसे मुस्लिम बहुल इलाकों से बिजली चोरी को बंद किया जाए, कैसे अतिक्रमण से इलाके को मुक्त किया जाए. इसे लेकर ही पुलिस ने आज यानी शनिवार को दो अहम अभियान चलाए. एक अभियान था बिजली चोरी और दूसरा था अतिक्रमण हटाओ अभियान. जब बिजली चोरी पकड़ने के लिए पुलिस ने घर-घर जाकर छापा मारा तो उसे हैरान करने वाली तस्वीर दिखी. यह तस्वीर नहीं, बल्कि कैद में शिव मंदिर था.

46 साल से क्यों था बंद?

चेकिंग के दौरान मंदिर मिलते ही हलचल मच गई. आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती हुई. आला पुलिस अफसरों की मौजूदगी में 5 दशक से बंद मंदिर को प्रशासन ने खुलवाया. दावा है कि 1978 के बाद हिंदुओं को इस इलाके से पलायन करना पड़ा. पुलिस की सुरक्षा के बीच ये मंदिर खोला गया. जो तस्वीरें आईं, उसमें मंदिर में शिवलिंग और हनुमान जी की मूर्ति दिखी. स्थानीय लोग इसे शिव मंदिर बता रहे हैं. दावा है कि संभल में 1978 के बाद इस इलाके से हिंदुओं को पलायन करना पड़ा और मंदिर की देखरेख करना वाला कोई नहीं बचा. अब प्रशासन की मदद से इस मंदिर को दोबारा खुलवाया गया है.

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साभार : न्यूज18

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।