मंगलवार, सितंबर 15 2026 | 05:40:41 AM

हमलावरों ने झांसी जेल के जेलर पर लाठी-डंडों से किया हमला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. ऑटो से रेलवे स्टेशन जा रहे झांसी जेल के एक जेलर पर कार से आय बदमाशों ने रास्ते में हमला कर दिया। उन्हें ऑटो से उतार कर लाठी डंडों से मारपीट की गई। बीच बचाव के दौरान जेलर के साथ मौजूद एक सिपाही को भी बुरी तरह पीट दिया गया। घटना के बाद हमलावर धमकाते हुए भाग गए। सूचना पाकर पुलिस व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और घायल जेलर व सिपाही को जिला अस्पताल लाया गया यहाँ उनका उपचार किया जा रहा है।

जिला मऊ के ग्राम दोहरी घाट निवासी कस्तूरी लाल गुप्ता (50) पुत्र दयालु प्रसाद गुप्ता जेलर के पद पर जिला कारागार झांसी में 2022 से तैनात है। उन्हें ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जाना था। इसके लिए दिन में लगभग 12.40 बजे वह जेल परिसर से स्टेशन जाने के लिए निकले। उनके साथ एक सिपाही अर्जुन सिंह भी था। दोनों ने जेल चौराहा से एक ऑटो की और स्टेशन के लिए चल दिए।

ऑटो ओवरटेक करके रोका

जब उनकी ऑटो इलाहाबाद बैंक चौराहे से होते हुए स्टेशन रोड तिराहा पर पहुंची तभी पीछे से आ रही एक कार ने ऑटो को ओवरटेक करते हुए उसे रुकने पर मजबूर कर दिया। कार में से चार बदमाश हाथों में लाठी ठंडा लेकर उतरे। यह देख जेलर व सिपाही सकपका गए। ऑटो चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। कार से उतरे युवकों ने जेलर को ऑटो से उतरा और उनकी बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।

हमलावरों ने बचाने आए सिपाही को भी पीटा

बीच−बचाव करने के दौरान सिपाही अर्जुन सिंह को भी हमलावरों ने पीट दिया। इसके बाद हमलावर कार में बैठकर भाग गए। घटना की सूचना तत्काल सिपाही ने पुलिस व जेल के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस व जेल के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और दोनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। यहां उनका उपचार किया जा रहा है।

- Advertisement -

जेलर के हाथ में हुआ फ्रैक्चर

मारपीट में जेलर के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हुआ है जबकि शरीर पर अन्य चोटों के भी निशान है। इसके अलावा सिपाही को भी अंदरूनी चोटें आईं हैं।

कोतवाली पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

इससे पहले शुक्रवार को विदेशी फंड‍िंग को लेकर एटीएस व एनआईए की मुफ्ती खालिद के घर दिनभर चली कार्रवाई के दौरान भीड़ इकट्ठा करने, पुलिस से भिड़ने और सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर कोतवाली पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 10 नामजद और 100 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

साभार : दैनिक जागरण

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।