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हेमंत सोरेन ने बयान दर्ज कराने के लिए ईडी को अपने कार्यालय बुलाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आखिरकार प्रवर्तन निदेशालय यानी की ईडी के सामने अपान बयान दर्ज करवाने को तैयार हो गए हैं। बता दें कि सोरेन के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रही है और उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। ईडी ने सोरेन को इससे पहले 7 बार समन भेजा था लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए थे। हालांकि, ईडी के ताजा पत्र के बाद सोरेन पूछताछ के लिए तैयार हो गए हैं।

ईडी को ही सीएम कार्यालय बुलाया

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी को कहा है कि वह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 20 जनवरी को उनके सचिवालय में आकर उनका बयान दर्ज कर सकते है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने शनिवार को मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा था, जिसमें उनसे 16 जनवरी से 20 जनवरी के बीच मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने को कहा गया था।

दवाब बनाने की कोशिश- सोरेन

हाल ही में बुई विधायक दल की बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने विधायकों से कहा था कि ED की कार्रवाई उन पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। हालात जो भी होंगे उनका सामना करना पड़ेगा। मीटिंग के दौरान हेमंत सोरेन ने अपने मीडिया सलाहकार के घर की जा रही ED की कार्रवाई का भी जिक्र किया। सीएम ने विधायकों को बताया कि उनके मीडिया सलाहकार के कमरे के ताले को ED ने चार लोगों से मिलकर तुड़वाया, आगे भी दबाव बनाने की कोशिश जारी रह सकती है। ऐसे में किसी भी तरह के राजनैतिक हालात का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है मामला?

केंद्रीय एजेंसी एक दर्जन से अधिक भूमि सौदों की जांच कर रही है, जिनमें रक्षा भूमि से संबंधित एक सौदा भी शामिल है, जिसमें माफिया, बिचौलियों और नौकरशाहों के एक समूह ने 1932 की तिथि तक के फर्जी दस्तावेज बनाने के लिए कथित तौर पर मिलीभगत की थी। ईडी ने झारखंड में अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा भी शामिल हैं।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।