गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 12:52:56 AM

यदि एनटीए अधिकारी दोषी हैं, तो उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा : धर्मेंद्र प्रधान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. मेडिकल की NEET परीक्षा में हुईं धांधली को लेकर छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। देशभर के मेडिकल छात्र सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का अहम बयान सामने आया है। ओडिशा में अपने संसदीय क्षेत्र संबलपुर पहुंचने पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर 1,563 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है। NEET परीक्षा के दौरान दो जगहों पर कुछ अनियमितताएं सामने आई हैं।

NTA में सुधार की बहुत जरूरत

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त कराते हैं कि सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी  (NTA) के बड़े अधिकारी भी दोषी पाए गए तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने ये भी माना कि एनटीए में बहुत सुधार की जरूरत है। सरकार इस बारे में चिंतित है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।

23 जून को होनी है दोबारा परीक्षा

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA ) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नीट 2024 की परीक्षा में ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1,563 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। इन उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। नीट 2024 की दोबारा परीक्षा 23 जून को होनी है, जिसके नतीजे 30 जून से पहले आने की उम्मीद है।

8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 जुलाई को है। कोर्ट ने एनटीए के इस बयान को  स्वीकार किया कि 1,563 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके परिणाम 30 जून से पहले घोषित किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की जुलाई में शुरू होने वाली काउंसलिंग में कोई बाधा न आए।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।