शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 06:14:17 PM

कोलकाता बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक डॉक्टर ने हवा में लहराई पिस्टल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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अहमदाबाद. पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महिला डॉक्टर की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरा देश आक्रोशित है। देशभर के डॉक्टर हड़ताल कर रहे हैं। गुजरात के अमरेली जिले में भी कोलकाता बलात्कार-हत्याकांड के विरोध में डॉक्टर इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान एक डॉक्टर ने खुले में अपनी लाइसेंसी पिस्तौल लहरा दी। अब यह मामला तूल पकड़ लिया है।

शुक्रवार रात की है घटना

पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) चिराग देसाई ने बताया कि घटना शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे की है। जब बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र और डॉक्टर कैंडल मार्च के लिए शहर के राजकमल चौक पर एकत्रित हुए थे। देसाई ने बताया कि कैंडल मार्च शुरू होने से पहले अपने संबोधन के दौरान, एक निजी डॉक्टर डॉ. जीजे गजेरा ने लोगों में डर पैदा करने के इरादे से अपनी लाइसेंसी पिस्तौल लहरा दी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस अधिकारी ने बताया कि डॉ. गजेरा ने लाइसेंसी हथियारों के संबंध में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी अधिसूचना का भी उल्लंघन किया है। डॉक्टर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353 (1), (बी) – सार्वजनिक शरारत – और 270 (सार्वजनिक उपद्रव) तथा शस्त्र अधिनियम और गुजरात पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

IMA के डॉक्टर हुए थे शामिल

इसके साथ ही पुलिस ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से जुड़े डॉक्टर और अमरेली सिविल अस्पताल के प्रशिक्षु डॉक्टर और कर्मचारी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान भीड़ के बीच डॉक्टर द्वारा पिस्तौल लहराने की घटना सामने आई है।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।