शनिवार, सितंबर 12 2026 | 01:37:47 AM

मुठभेड़ के बाद दबोचे गए बहराइच हत्या के 2 गुनहगार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बहराइच हिंसा के दो आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया है। इसमें से एक आरोपी सरफराज की हालत गंभीर बताई जा रही है। ये एनकाउंटर बहराइच के पास नानपारा में किया गया। एनकाउंटर को लेकर पुलिस पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पुलिस पर हमला कर नेपाल भागने की फिराक में थे। जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी मुठभेड़ हो गई। अब पुलिस ने एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई है।

मर्डर में इस्तेमाल हथियार से कर दी फायरिंग

पुलिस ने कहा कि पहले दो आरोपियों की निशानदेही पर मर्डर में इस्तेमाल हुए हथियार की बरामदगी के लिए जब पुलिस टीम उन्हें लेकर गई तो उन्होंने वहां रखे हथियारों से पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी है।

एसपी वृंदा शुक्ला का बयान आया सामने

एनकाउंटर पर बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- महाराजगंज बाजार में रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नामजद आरोपी मोहम्मद फहीम, मोहम्मद तालीम उर्फ सबलू ,मोहम्मद सरफराज, अब्दुल हमीद और मोहम्मद अफजल की गिरफ्तारी की गई है।

सरफराज और तालीम ने कर दी फायरिंग

हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के लिए नानपारा इलाके में सरफराज और तालीम उर्फ सबलू को ले जाया गया था। यहां इन्होंने हथियारों से पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी है। इसके बाद दोनों को अस्पताल भेजा गया है। वहां डॉक्टर की टीम उपचार कर रही है। इसके साथ ही रामगोपाल मिश्रा की हत्या में जो वेपन इस्तेमाल किया गया था वह बरामद कर लिया गया है।

रासुका के तहत लिया जा रहा एक्शन

एसपी ने कहा- इस मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही है। हिंसक घटना में जो लोग भी शामिल रहे हैं, चाहे वे अफवाह फैलाने में हों या साजिश रचने में, किसी भी तरह से जिनका रोल रहा है, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां करनी बाकी है। सभी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।

क्या है बहराइच हिंसा मामला?

बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों में हिंसा भड़क गई थी। इसमें राम गोपाल मिश्रा नाम के युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद ये हिंसा और भड़क गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को आग लगा दी। पुलिस का कहना है कि राम गोपाल मिश्रा की हत्या गोली लगने से हुई। उसके साथ हुई बर्बरता की बातें भ्रामक और गलत हैं।

साभार : न्यूज़24

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।