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कतर एयरवेज ने पेजर और वॉकी-टॉकी पर लगाया प्रतिबंध

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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दोहा. गाजा में इजरायल-हमास जंग का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखने लगा है. हमास के समर्थन में खड़े लेबनान स्थित हिजबुल्‍ला पर इजरायल के टेक अटैक ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ईरान समर्थक हिजबुल्‍ला के लड़ाके जिन तकनीकों का इस्‍तेमाल करते हैं, इजरायल चुन-चुनकर उनको निशाना बना रहा है. इसलिए ही हिजबुल्‍ला पर पेजर और वॉकी-टॉकी अटैक हुआ है. हालांकि उसका असर बाकी जगहों पर भी पड़ रहा है. कतर एयरवेज ने लेबनान से उड़ने वाली फ्लाइट्स में पेजर और वॉकी-टॉकी जैसे आइटम को साथ लेकर चलने पर बैन लगा दिया है.

कतर एयरवेज ने घोषणा करते हुए कहा है कि लेबनान की राजधानी बेरूत के रफीक हरीरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (BEY) से उड़ान भरने वाली फ्लाइटों में पेजर और वॉकी-टॉकी लेकर चलने पर बैन लगा दिया गया है. एयरलाइन के मुताबिक ये नियम सिर्फ पैसेंजरों पर ही लागू नहीं होता बल्कि लगेज, कार्गो समेत चेक-इन करने के सभी तरीकों पर लागू होता है. यानी किसी भी सूरत में यात्रियों के साथ या सामान में इन आइटमों को शामिल करने पर अगले आदेश तक तत्‍काल प्रभाव से बैन लगा दिया गया है. इस आशय की सूचना कतर एयरवेज ने एक्‍स पर भी शेयर करते हुए कहा कि लेबनान के सिविल एविएशन के डायरेक्‍टरेट जनरल के निर्देशों के बाद तत्‍काल प्रभाव से ये बैन लागू किया जाता है.

लेबनान में वॉकी-टॉकी और पेजर धमाकों में भारी तबाही हुई है. अल-जजीरा के मुताबिक बुधवार को हुए ताजा हमले में कम से कम 20 लोग मारे गए और 450 से ज्‍यादा घायल हो गए. उसके एक दिन पहले पेजर अटैक की गूंज पूरे लेबनान में सुनाई दी. उसमें 12 लोग मारे गए और 2800 से अधिक लोग घायल हो गए.

इजरायल की धमकी

इजरायल की सेना ( IDF) ने इस बीच पूरे घटनाक्रम पर टिप्‍पणी करते हुए गुरुवार को कहा कि उसने लेबनान में हिजबुल्‍ला की आतंकी क्षमताओं और आधारभूत ढांचे को नेस्‍तनाबूद करने के लिए लक्षित स्‍ट्राइक्‍स की हैं. दशकों से हिजबुल्‍ला ने दक्षिण लेबनान को अपनी दहशतगर्दी के लिए इस्‍तेमाल करते हुए उसको वॉर जोन में बदल दिया है और वहां से उत्‍तरी इजरायल के आम लोगों को निशाना बनाने का प्रयास करता रहता है. लिहाजा दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्‍ला की ताकत को खत्‍म करने के साथ उसका मकसद उत्‍तरी इजरायल में हिजबुल्‍ला के टेरर से आम लोगों को मुक्ति दिलाना है ताकि लोग अपने घरों में वापस लौट सकें और सुरक्षित महसूस कर सकें. आईडीएफ ऐसा करने के लिए संकल्‍पबद्ध है.

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इजरायल के रक्षा मंत्री युआव गैलेंट ने भी कहा कि ये युद्ध का नया चरण है और अब हम लोगों का फोकस उत्‍तरी एरिया में है. अब हम इस इलाके में अपने संसाधनों और ताकत का इस्‍तेमाल करते हैं. हमारा मकसद ये है कि मौजूदा सिक्‍योरिटी सिचुएशन को बदल दिया जाए ताकि उत्‍तरी एरिया में इजरायली सुरक्षित महसूस करते हुए अपने घरों को लौट सकें.

साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।