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चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे से कैंपेन सॉन्ग से भवानी शब्द हटाने को कहा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई. चुनाव आयोग ने रविवार को शिवसेना (उद्धव गुट) को नोटिस भेजकर कैंपेन सॉन्ग से ‘भवानी’ शब्द हटाने को कहा है। आयोग ने कहा कि यह शब्द हिंदू देवी से जुड़ा हुआ शब्द है। इलेक्शन में इस तरह के धार्मिक नारे का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आयोग के नोटिस पर उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे अपने थीम सॉन्ग से भवानी शब्द नहीं हटाएंगे। आयोग को जो कार्रवाई करनी है करे। उद्धव ने आगे कहा कि बीजेपी नेता कई बार धर्म के नाम पर वोट मांग चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। चुनाव आयोग पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर कार्रवाई करे। दरअसल, उद्धव गुट ने इलेक्शन कैंपेन के लिए 16 अप्रैल को प्रमोशन सॉन्ग रिलीज किया था, जिसमें ‘भवानी’ शब्द का जिक्र है।

  1. मोदी-शाह धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं
    उद्धव ने कहा कि कर्नाटक के चुनाव में PM मोदी ने जय बजरंग बली बोलकर वोट देने की बात कही। अमित शाह ने MP विधानसभा चुनाव में लोगों को मुफ्त में राम मंदिर के दर्शन कराने की बात की। इसको लेकर मैंने इलेक्शन कमीशन को लेटर लिखा था। मैंने पूछा था कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री धर्म के नाम पर वोट मांग रहे तो क्या उस पर चुनाव आयोग करवाई करेगा, लेकिन आज तक मुझे इस लेटर का जवाब नहीं मिला।
  2. महाराष्ट्र की कुल देवी का अपमान
    उद्धव ने कहा हमने भाजपा की तरह हिंदू धर्म के नाम पर वोट की भीख नहीं मांगी। न ही कहा कि जो जय भवानी कहेगा, उसे वोट देना है, लेकिन फिर भी हमे चुनाव आयोग ने नोटिस हमें भेजा।

चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र का अपमान किया। देवी तुलजा भवानी महाराष्ट्र की कुल देवी है। उनका अपमान हम बिल्कुल बर्दाश्त नही करेंगे। हम अपने थीम सॉन्ग में से भवानी और हिंदू धर्म नहीं हटाएंगे। आज चुनाव आयोग ने जय भवानी बोलने पर आपत्ति जताई है। कल जय शिवाजी बोलने पर आपत्ति जताएंगे। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शिवसेना (UBT) का थीम सॉन्ग- तानाशाही के खिलाफ मशाल जलेगी

शिवसेना (UBT) ने सोशल मीडिया हैंडल पर 16 अप्रैल को थीम सॉन्ग शेयर किया। इस वीडियो के अंत में शिवसेना सपोर्टर जय भवानी का नारा लगा रहे हैं। यह वीडियो शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा कि तानाशाही के खिलाफ शिवसेना की मशाल जलेगी। वीडियो के अंत में ठाकरे परिवार की तीन पीढ़ियों को एक साथ देखा जा सकता है। यहां बाला साहेब ठाकरे के साथ उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे भी नजर आ रहे हैं।

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चुनाव आयोग AAP नेता आतिशी को भी नोटिस भेज चुका है

चुनाव आयोग ने 5 अप्रैल को आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी सिंह को भी नोटिस जारी किया था। आतिशी ने कहा था कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऑफर मिला था और ऐसा नहीं करने पर जेल जाने की धमकी दी गई थी। चुनाव आयोग ने इसकी सच्चाई पर सवाल खड़े किए थे। तेलंगाना के पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसे लेकर भी चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा था। कांग्रेस के गणेश गोदियाल और रघुबीर सिंह कदियान को भी चुनाव आयोग नोटिस भेज चुका है।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।