शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:17:08 AM

सीबीआई ने किया नीट यूजी पेपर लीक के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने का दावा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) जमशेदपुर से बीटेक करने वाले एक मास्टरमाइंड और सॉल्वर के रूप में काम करने के आरोपी दो मेडिकल छात्रों को गिरफ्तार किया। एमबीबीएस छात्रों की गिरफ्तारी राजस्थान के भरतपुर से हुई। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सीबीआई के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ताजा गिरफ्तारियों के साथ नीट यूजी परीक्षा में कथित गडबड़ियों से जुड़े छह मामलों में एजेंसी द्वारा अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 21 पहुंच गई है।

भरपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं सॉल्वर

एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार शनिवार को गिरफ्तार किए गए दो एमबीबीएस छात्र राजस्थान के भरतपुर के एक मेडिकल कॉलेज से हैं। जिसमें दूसरे वर्ष का छात्र कुमार मंगलम बिश्नोई और प्रथम वर्ष का छात्र दीपेंद्र शर्मा शामिल है। ये दोनों छात्र 5 मई को नीट यूजी परीक्षा की तारीख पर हजारीबाग में मौजूद थे। अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपी कथित तौर पर एक इंजीनियर पंकज कुमार द्वारा चुराए गए पेपर के लिए “सॉल्वर” के रूप में काम कर रहे थे, जोकि पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर से बी.टेक (इलेक्ट्रिकल) पासआउट शशिकांत पासवान उर्फ ​​शशि उर्फ ​​पासू, कुमार और रॉकी के साथ मिलकर काम कर रहा था, जिसे पहले भी गिरफ्तार किया गया था।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।