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भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड की राजधानी रांची में बीजेपी ने प्रदेश की हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली. इस दौरान उन्होंने इंडिया गठबंधन की सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े. वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने को लेकर हेमंत सोरेन पर जमकर निशाना साधा है.

आक्रोश रैली के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता सीएम आवास घेरने बढ़े. कटीले तारों से बैरिकेडिंग के बावजूद कार्यकर्ता जबरन आगे बढ़ते रहे. पुलिस दनादन आंसू गैस के गोले दागे. इसके अलावा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया. आरोप है कि भीड़ की तरफ से पुलिस पर पथराव किया गया. कटीले तारों वाली बैरिकेडिंग तोड़ दी गई है. वहीं उधर, बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर उनके साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है.

झारखंड के प्रभारी शिवराज सिंह चौहान भी प्रदेश की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा जो वादा किया गया था रोजगार का वो मांग रहे थे. कुछ दिया नहीं और इसलिए झारखंड के कार्यकर्ता न्याय मांगने आए थे. बसें रोकी गईं. बंद किया गया सब जब कार्यकर्ता झुके नहीं तो दरी हुई सरकार ने बर्बर लाठीचार्ज करवाया. हेमंत सोरेन को बोलना चाहता हूं की तुम्हारे सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगी. हम डरेंगे नहीं झुकेंगे नहीं सरकार को उखाड़ फेकेंगे.

जिला प्रशासन ने मोरहाबादी मैदान के परिसर को छोड़कर इसके 500 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है. निषेधाज्ञा के तहत इस दायरे में सार्वजनिक सभाओं, रैलियों, धरना, प्रदर्शनों और पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है. एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि यहां हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और पारंपरिक हथियार जैसे लाठी, भाले, धनुष और तीर ले जाने पर भी प्रतिबंधित है. साथ ही क्षेत्र में लाउडस्पीकर का उपयोग भी वर्जित है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।