गुरुवार, सितंबर 17 2026 | 09:38:29 PM

जेपी नड्डा ने ली राज्यसभा में नेता सदन की शपथ

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यसभा में नेता सदन बनाए गए हैं। वो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की जगह लेंगे। मोदी सरकार 3.0 में जेपी नड्डा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री बनाने के बाद अब जेपी नड्डा को राज्यसभा में भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

पीयूष गोयल की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी

बता दें कि जेपी नड्डा फिलहाल बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। पार्टी अध्यक्ष के रूप में 30 जून को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में उनकी जगह किसी नए चेहरे को बीजेपी संगठन की जिम्मेदारी मिल सकती है। जेपी नड्डा को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद ही ये बात साफ हो चुकी थी। अब उन्हें बीजेपी ने राज्यसभा में नेता सदन की अहम जिम्मेदारी दी है। अब तक पीयूष गोयल राज्यसभा में नेता सदन थे, लेकिन इस बार वो लोकसभा चुनाव जीत गए हैं। वहीं अब ये जिम्मेदारी नड्डा संभालेंगे।

 

लोकसभा में सदस्यों ने ली शपथ

इधर 18वीं लोकसभा के लिए संसद सदस्यों के शपथ लेने का सिलसिला जारी है। सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने पर प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने उन्हें 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई। सदन के नेता होने के नाते लोकसभा में सर्वप्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ दिलाई गई। प्रधानमंत्री के बाद कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश का नाम पुकारा गया लेकिन वह सदन में मौजूद नहीं थे। इसके बाद टीआर बालू का नाम प्रोटेम स्पीकर ने पुकारा लेकिन वह भी सदन में मौजूद नहीं थे।

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साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।