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यति नरसिंहानंद ने लगाया गैरकानूनी तरीके से नजरबंद करने का आरोप

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद गिरी का एक वीडियो सामने आया है। यति नरसिंहानंद ने जारी वीडियो में आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें गैर कानूनी तरीके से नजरबंद किया है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें रिहा किया जाए, क्योंकि प्रयागराज हाई कोर्ट में उन्हें अपने बयान के खिलाफ दायर याचिका का जवाब देना है। इस वीडियो में वे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से रिहाई की मांग करते दिख रहे हैं।

डासना देवी मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद गिरि ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार से उन्हें ‘अवैध हिरासत’ से रिहा कराने की मांग की है। यति नरसिंहानंद का कहना है कि उनके खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में उन्हें अपना पक्ष रखना है। यूपी पुलिस ने असंवैधानिक रूप से नजरबंद किया हुआ है। इससे वह छुटकारा की मांग करते दिख रहे हैं।

दायर की गई है याचिका

महाराष्ट्र के हजरत ख्वाजा गरीब नवाज वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद यूसुफ की ओर से दो दिन पहले यति नरसिंहानंद के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई है। यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन की महासचिव डॉ. उदिता त्यागी की ओर से मीडिया के साथ यति नरसिंहानंद का वीडियो साझा किया। मुंबई के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ और जाकिर हुसैन मुस्तफा शेख ने दायर जनहित याचिका में नरसिंहानंद के विवादित भाषण को सभी सोशल मीडिया मंचों से हटाने की मांग की गई है।

हत्या कराए जाने का दावा

यति नरसिंहानंद की ओर से जारी किए गए वीडियो में दावा किया गया कि उनकी हत्या प्रशिक्षित हत्यारों से कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मरने से पहले वह पैगंबर पर अपने बयान को स्पष्ट करना चाहते है। इसके लिए उन्हें प्रमाणिक इस्लामी पुस्तकों से साक्ष्य एकत्र करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मैं अपनी बातों का प्रमाण हाई कोर्ट के सामने रखना चाहता हूं। मैं सही न्याय चाहता हूं। उन्होंने कहा किजिसे अपराधी घोषित किया जा रहा है, उसका पक्ष जाने बिना न्याय नहीं हो सकता।

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यति नरसिंहानंद ने वीडियो में कहा है कि मैं इस नजरबंदी में सबूत एकत्र नहीं कर सकता। मुझे इसके लिए विभिन्न स्रोतों से सबूत एकत्र करने होंगे। यति नरसिंहानंद पर इस महीने की शुरुआत में 29 सितंबर को गाजियाबाद में एक कार्यक्रम में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसको लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।