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30 अगस्त को भाजपा में शामिल होंगे चंपई सोरेन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने आखिरकार अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला कर लिया है। चंपई सोरेन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। आपको बता दें कि पूर्व सीएम चंपई सोरेन बीते कई दिनों से खुलकर हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे थे। आगामी झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 से पहले चंपई सोरेन के साथ आने से भाजपा को बड़ा फायदा मिल सकता है।

इस तारीख को होंगे भाजपा में शामिल

चंपई सोरेन ने सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। उनके साथ में असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा भी मौजूद थे। सीएम हिमंता ने जानकारी दी है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हमारे देश के प्रतिष्ठित आदिवासी नेता चंपई सोरेन ने थोड़ी देर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। चंपई 30 अगस्त को रांची में आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल होंगे।

राजनीति नहीं छोड़ने का किया था ऐलान

चंपई सोरेन ने हाल ही में कहा था कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे। अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए उनका राजनीति में बने रहना जरूरी है। चंपई सोरेन ने एक हफ्ते के भीतर राजनीतिक भविष्य पर फैसला लेने की बात कही थी। चंपई ने दो ऑप्शन बताए थे- पहला अलग संगठन खड़ा करना या फिर कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना।

राज्य में कैसे बदला सियासी घटनाक्रम?

हेमंत सोरेन को भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हेमंत ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद चंपई सोरेन को झारखंड का नया सीएम बनाया गया। झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद हेमंत सोरेन फिर से विधायक दल का नेता चुने गए। इसके बाद चंपई सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। फिर हेमंत सोरेन झारखंड के सीएम बने। इसके कुछ ही दिनों बाद चंपई ने खुलकर नाराजगी जाहिर की।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।