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कांग्रेस हरियाणा विधानसभा में किसी राज्यसभा और लोकसभा सांसद को नहीं देगी टिकट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के स्क्रीनिंग कमेटी की बुधवार (28 अगस्त) को बैठक हुई. इस बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि आज की बैठक में 18 से 19 सीटों पर सहमति बनी है. उन्होंने कहा कि मौजूदा लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को विधानसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा. लोकसभा और राज्यसभा के सांसद चुनाव में उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे.

‘सांसद चुनाव लड़ना चाहते हैं तो राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करें’

दीपक बावरिया ने कहा कि स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा किसी सांसद का नाम दावेदारी के लिए नहीं रखा जाएगा. यदि किसी सांसद को फिर भी चुनाव लड़ना है तो वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से बात करें.

किन विधायकों का कटेगा टिकट?

मौजूदा विधायकों के टिकट करने काटने के सवाल पर उन्होंने कहा, “अगर उनके अगेंस्ट बहुत ज्यादा एंटी इंकंबेसी होगी,  दाग-धब्बे होंगे तो टिकट बिल्कुल कट सकती है.” उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि उम्मीद है कि यह समिति शनिवार तक संभावित उम्मीदवारों को लेकर अपनी अंतिम अनुशंसा केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) को भेज देगी. उन्होंने बताया कि प्रदेश की 90 विधानसभा सीट के लिए 2500 से अधिक आवेदन आए हैं जिनमें से कई लोगों के इंटरव्यू भी किए गए हैं.

एक दो दिन और होगी चर्चा- हुड्डा

पार्टी की स्क्रीनिंग मीटिंग के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “अभी बैठक चल रही है, चर्चा चल रही है. 1-2 दिन और चर्चा चलेगी.”

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हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख

हरियाणा में 1 अक्टूबर को विधानसभा की सभी 90 सीटों पर वोटिंग होनी है. नतीजे 4 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे. राज्य में 5 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 12 सितंबर तक इच्छुक उम्मीदवार पर्चा भर सकते हैं. एक दिन बाद यानी 13 सितंबर को पर्चों की जांच की जाएगी. 16 सितंबर तक कोई भी उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकता है.

साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।