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हिमाचल प्रदेश में अवैध मस्जिदों के खिलाफ हिन्दुओं ने किया प्रदर्शन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में बन रहीं कथित अवैध मस्जिदों और मजारों के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर शनिवार को देवभूमि संघर्ष समिति शिमला सीटीओ चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदेशभर में 18 जगहों पर प्रदर्शन किया गया।  समिति ने चेताया कि अगर 5 अक्तूबर को हिंदू समाज के हित फैसला नहीं आया तो प्रदेशभर में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपायुक्त कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। सबसे पहले शुक्रवार सुबह 11:30 बजे उपायुक्त कार्यालय के बाहर देवभूमि संघर्ष समिति की अपील पर लोग एकत्रित हुए। यहां करीब डेढ़ घंटे तक यहां प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद लोअर बाजार होते हुए विरोध रैली निकाली गई। इसके बाद उपायुक्त शिमला को ज्ञापन सौंपा गया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए हिंदू संघर्ष समिति के सह संयोजक मदन ठाकुर ने कहा कि हिंदू समाज प्रदेश में 97 फीसदी की आबादी का होने के बावजूद सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है। संजौली में आम लोगों पर लाठीचार्ज किया गया। बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में आ रहे मुस्लिम समुदाय के लोग यहां के व्यावसाय और जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। इसको देखते हुए लोगों को इनका आर्थिक रूप से बहिष्कार करना होगा। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन कहता रहा कि मस्जिद की अवैध रूप से बनीं मंजिलों को सील कर दिया गया है और यहां पर किसी को आने जाने की अनुमति नहीं है।

इसके बावजूद एआईएमआईएम के नेता शोएब जमई यहां पहुंचते हैं और वीडियो बनाकर जारी भी कर देते हैं। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने शोएब जमई पर एफआईआर करने की मांग भी उठाई। समिति के अध्यक्ष भरत भूषण ने कहा कि मंडी में भी मुस्लिमों ने अवैध निर्माण को खुद गिराने की बात कही थी लेकिन अब हाईकोर्ट में अपील की गई है। दूसरा पक्ष इस तरह से बातों को घुमाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम के नेता शोएब जमई ने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। समिति ने इसको लेकर पुलिस में शिकायत दी थी लेकिन आज तक इस संबंध में केस दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शोएब जमई के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। उन्होंने बताया कि आज शिमला सहित प्रदेशभर में 18 जगहों पर एक साथ प्रदर्शन का रहे है।

मंडी में फिर हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, गली-गली जाकर फैलाई जागरुकता

मंडी जिला मुख्यालय के जेल रोड स्थित मस्जिद में अवैध निर्माण के बाद उपजे हालात के बीच शनिवार को हिंदू संगठनों के लोगों ने देवभूमि संघर्ष समिति के मार्गदर्शन में शहर और गलियों का भ्रमण किया। इस दौरान शहर की गलियों में जाकर जागरुकता फैलाई। जागो हिंदू जागो, मकान मालिकों शर्म करो आदि के नारे लगाए और मकान मालिकों से किराये पर दी दुकानें और घर खाली करवाने की विनती की। इस दौरान विशेष समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं।

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इससे पहले पहले हिंदू संगठनों के लोग सेरी मंच के पास इकट्ठा हुए और लव जिहाद, व्यापार जिहाद, जागो हिंदू जागो आदि के नारे लगाए। करीब साढ़े 11:30 देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारी महंत पहुंचे, जिनका हिंदू संगठनों के लोगों ने पुष्प और जय श्रीराम के नारे लगाकर स्वागत किया। पांच महंत मंडी जिला के थे जबकि मुख्य महंत श्रीश्री 1008 महंत राजेंद्र गिरी महाराज बिलासपुर से पहुंचे थे। सबसे पहले जोगिंद्रनगर के लदरूही के महंत अविचल दास महाराज ने हिंदू संगठनों के सदस्यों में जोश भरा और सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस के जवान भी मुस्तैद रहे।

कुनिहार में क्षेत्रीय हिंदू संगठन ने किया हनुमान चालीसा का  पाठ

कुनिहार में क्षेत्रीय हिंदु संगठन की ओर से प्रवासियों के पंजीकरण को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन ने प्रदेश सरकार समेत प्रशासन से प्रवासियों के पंजीकरण की मांग की इसके तहत कुनिहार का पूरा बाजार भी बंद रखा गया। संगठन ने कुनिहार के नायब तहसीलदार कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र भी भेजा है।

देव संघर्ष समिति हमीरपुर ने भी निकाली रैली

देव संघर्ष समिति हमीरपुर नाम शनिवार को वाटर चौक से लेकर गांधी चौक तक रैली का आयोजन किया। इस दौरान सदस्यों ने वक्फ बोर्ड को भंग करने की मांग की। देव संघर्ष समिति के जिला संयोजक सुजीत कुमार ने कहा कि वक्फ बोर्ड को भंग किया जाना चाहिए तथा अवैध रूप से हो रहे निर्माण को भी बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।