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ममता बनर्जी ने गिरफ्तारी के बाद शाहजहां शेख को टीएमसी से किया निलंबित

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस ने शाहजहां शेख को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। कोलकाता में तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी जानकारी दी। इससे पहले पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की टीम पर हमले के बाद से फरार था। पुलिस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को बशीरहाट की अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

हाईकोर्ट ने दिया था निर्देश

उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया था कि संदेशखाली में महिलाओं पर यौन अत्याचार और जमीन हड़पने के मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को पश्चिम बंगाल पुलिस के अलावा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी गिरफ्तार कर सकती है। राज्य महाधिवक्ता की अर्जी पर अदालत ने 26 फरवरी को जारी अपने आदेश को स्पष्ट किया, जिसमें पुलिस को शेख की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया था।

मिनाखा में एक घर में छिपा हुआ था शेख

पुलिस ने बताया कि शाहजहां शेख उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखा में एक घर में छिपा हुआ था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया और 14 दिन की हिरासत की मांग की। लेकिन अदालत ने दस दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी। कई रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि शेख ने पुलिस के सामने ईडी पर हमले के लिए भीड़ को भड़काने का जुर्म कबूल भी कर लिया है।

छह सदस्यीय तथ्य-खोज टीम को 1 मार्च को संदेशखाली जाएगी

इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में छह सदस्यीय तथ्य-खोज टीम को 1 मार्च को संदेशखाली जाने की अनुमति दी थी। टीम माझेरपारा, नतुनपारा और नस्करपारा जाएगी। इसके साथ ही न्यायमूर्ति कौशिक चंद्रा ने राज्य के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को भी संदेशखाली जाने की अनुमति दे दी थी।

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साभार : अमर उजाला

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।