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बारिश के कारण झारखंड में गिरा निर्माणाधीन पुल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. बिहार में तमाम पुलों के गिरने की खबरों के बीच अब झारखंड के गिरिडीह जिले में भी पुल गिरने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भारी बारिश की वजह से निर्माणाधीन पुल का एक गर्डर गिर गया, जिसके बार एक पिलर भी झुक गया। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की कोई जानकारी नहीं सामने आया है। बता दें कि इस पुल का निर्माण गिरिडीह जिले में अरगा नदी पर किया जा रहा था। रविवार को अधिकारियों ने इस घटना के बारे में जानकारी दी।

फतेहपुर-भेलवाघाटी मार्ग पर बन रहा था पुल

मामले के बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना झारखंड की राजधानी रांची से 235 किलोमीटर दूर देवरी प्रखंड में हुई। यह पुल अरगा नदी पर डुबरीटोला और करिहरी गांव को जोड़ने के लिए फतेहपुर-भेलवाघाटी मार्ग पर बनाया जा रहा है। वहीं गिरिडीह से सड़क निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता विनय कुमार ने बताया, ‘‘पुल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। शनिवार रात भारी बारिश के कारण पुल का ‘सिंगल-स्पैन’ गर्डर गिर गया और एक पिलर झुक गया। ठेकेदार को उस हिस्से को दोबारा बनाने के लिए कहा गया है।’’

एक हफ्ते पहले तैयार किया गया था गर्डर

हालांकि, उन्होंने पुल के निर्माण की लागत के बारे में नहीं बताया। बताया जा रहा है कि लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है। इस पुल का निर्माण झारखंड के गिरिडीह और बिहार के जमुई जिले के दूरदराज के गांवों को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। वहीं एक अन्य इंजीनियर ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब एक हफ्ते पहले गर्डर को तैयार किया गया था और इसमें मजबूती आने के लिए कम से कम 28 दिन का समय लगता है। समय पूरा होने से पहले भारी बारिश होने की वजह से गर्डर गिर गया, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।