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सोरेन सरकार ने झारखंड के मुस्लिम कर्मचारियों को 4 बजे अवकाश देने का लिया निर्णय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रांची. झारखंड सरकार ने रमजान को लेकर एक आदेश जारी किया है. सरकार के आदेश के अनुसार, राज्य सरकार मुस्लिम अधिकारी-कर्मचारियों को रमजान के महीने में बड़ी राहत दी है. इस आदेश में प्रतिदिन शाम चार बजे छुट्टी से की अनुमति से लेकर जुम्मे के दिन नमाज पढ़ने के लिए दोपहर में विशेष छुट्टी का जिक्र है. ऐसे में अब हेमंत सोरेन सरकार के इस फैसले पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) की प्रतिक्रिया आई है. झामुमो सरकार के आदेश पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा सवाल खड़ा किया है. बीजेपी सांसद ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर कहा, “झारखंड राज्य को इस्लामिक राज्य घोषित करने का समय आ गया है. कांग्रेस का हाथ केवल मुसलमानों के साथ.”

सरकार के आदेश में क्या?

झारखंड सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि रमजान के दौरान हर दिन शाम चार बजे से मुस्लिम कर्मचारियों को ऑफिस छोड़ने की अनुमति होगी. इसके अलावा रमजान माह के दौरान हर शुक्रवार को नमाज पढ़ने के लिए दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक की विशेष अनुमति होगी. बता दें आदेश में राज्यपाल और संयुक्त सचिव के हवाले से जारी किया गया है.

बता दें 2 मार्च यानी आज से रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है. रमजान साल का नौवां महीना होता है. इस्लाम धर्म में रमजान के महीने का खास महत्व होता है. इस महीने इस्लाम धर्म के लोग पूरी शिद्दत से खुदा की इबादत करते हैं और रोजा रखते हैं. प्रत्येक दिन रोजा रखने वाले मुसलमान रमजान के आखिरी दिन अल्ला का शक्रिया अदा करते हुए ईद-उल-फितर का त्योहार मनाते हैं.

साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।