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पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून का राज कायम रखने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

शनिवार को तीन आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर की तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक वह भी जल्द ही हिरासत में होगा। बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार पुलिस को संदेह है कि यह हत्या जिले में सड़क निर्माण कार्य में ‘‘अनियमितताओं’’ की एक हालिया खबर से जुड़ी है जिसे मुकेश ने कवर किया था और सुरेश चंद्राकर उसी निर्माण कार्य में शामिल बताया जाता है।

सीएम विष्णुदेव साय ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या में शामिल किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार ने दोषियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव कदम उठाए हैं और उन्हें सजा दिलाने के लिए पूरी ताकत से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जघन्य घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। मैं मुकेश चंद्राकर के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा हूं।

 सेप्टिक टैंक में मिला था मुकेश का शव

बीजापुर शहर में एक स्थानीय ठेकेदार के परिसर में बने सेप्टिक टैंक में शुक्रवार को 33 वर्षीय मुकेश चंद्राकर का शव बरामद किया गया था। मुकेश एक जनवरी की रात से लापता थे। मुकेश चंद्राकर कई समाचार चैनलों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते थे और एक यूट्यूब चैनल ‘बस्तर जंक्शन’ भी चलाते थे जिस पर लगभग 1.59 लाख सब्सक्राइबर हैं। मुकेश ने अप्रैल 2021 में बीजापुर के टेकलगुडा नक्सली हमले के बाद माओवादियों की कैद से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास को रिहा कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इस घटना में 22 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चंद्राकर एक जनवरी की रात लापता हो गए थे और उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने अगले दिन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मुकेश के मोबाइल नंबर के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि मुकेश चंद्राकर ठेकेदार के परिसर में मौजूद थे।

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।