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मायावती ने भाई आनंद कुमार को बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बीते कुछ समय से लगातार परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। हालही में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद समेत सभी पदों से हटा दिया था और आकाश के उत्तराधिकारी होने की बात को भी खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने आकाश आनंद को बसपा से भी निकाल दिया था। इस दौरान मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया था।

अब आनंद कुमार से भी वापस ली नेशनल कोऑर्डिनेटर पद की जिम्मेदारी

आकाश आनंद का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब मायावती ने भाई आनंद कुमार से भी बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद की जिम्मेदारी वापस ले ली। मायावती के भाई आनंद कुमार अब बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर नही होंगे। हालांकि आनंद बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे। मायावती ने रणधीर बेनीवाल को नया नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया है।

मायावती ने X पर पोस्ट कर कहा, ‘काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार, जिन्हें अभी हाल ही में नेशनल कोआर्डिनेटर भी बनाया गया था, उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनज़र एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है। ऐसे में आनन्द कुमार पहले की ही तरह बीएसपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में पूर्ववत अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे और अब उनकी जगह यूपी के जिला सहारनपुर निवासी रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रकार, अब श्री रामजी गौतम, राज्यसभा सासंद व रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।’

साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।