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रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ मामले में डीआरएम सहित 4 अधिकारियों का किया तबादला

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत की घटना के एक पखवाड़े बाद मंगलवार को दिल्ली के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) सुखविंदर सिंह और अतिरिक्त डीआरएम विक्रम सिंह राणा समेत रेलवे के चार वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया. एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई.

भगदड़ के चलते हुए तबादला?

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रशासनिक आदेशों के माध्यम से तत्काल कोई कारण बताए बिना उनका तबादला किया गया है, लेकिन इस कदम के समय से जाहिर तौर पर भगदड़ से इसके तार जुड़े हो सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंत्रालय को कहीं न कहीं उनकी ओर से लापरवाही नजर आई है.’’

किन अधिकारियों का हुआ तबादला?

आधिकारिक आदेश के अनुसार डीआरएम सुखविंदर सिंह, एडीआरएम विक्रम सिंह राणा, स्टेशन निदेशक महेश यादव और वरिष्ठ संभागीय वाणिज्यिक प्रबंधक (यात्री सेवा) आनंद मोहन का तबादला किया गया है. उनकी नयी पदस्थापनाओं की घोषणा नहीं की गई है. डीआरएम और एडीआरम के तबादले रेलवे बोर्ड के एक आदेश के माध्यम से किए गए हैं, वहीं यादव एवं नारायण का संयुक्त स्थानांतरण आदेश उत्तर रेलवे की ओर से जारी किया गया.

कौन होगा अगला DRM?

सिंह को जुलाई 2023 में दिल्ली मंडल का DRM नियुक्त किया गया था और उनका दो साल का कार्यकाल इस साल के उत्तरार्ध तक था. रेल मंत्रालय द्वारा जारी तबादला आदेश में कहा गया है कि उत्तर मध्य रेलवे से पुष्पेश आर त्रिपाठी को दिल्ली का डीआरएम बनाया गया है . विक्रम सिंह राणा की जगह वरिष्ठ अधिकारी समीर कुमार ने ली है. आदेश में कहा गया, ‘‘रेल मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी से निर्णय लिया है कि उत्तर मध्य रेलवे से पुष्पेश आर त्रिपाठी को स्थानांतरित कर सुखविंदर सिंह की जगह डीआरएम/दिल्ली/उत्तर रेलवे के पद पर नियुक्त किया जाता है. सिंह के लिए आदेश बाद में जारी किए जाएंगे.’’

साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।