रविवार, सितंबर 20 2026 | 12:35:42 PM

भारतीय वायुसेना पाकिस्तान की सीमा के निकट करेगी युद्ध अभ्यास

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास राजस्थान में एक बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी शुरू कर दी है. यह अभ्यास 9 और 10 जुलाई को जोधपुर और बाड़मेर सेक्टर में होगा. इसके लिए भारत ने नोटिस टू एयरमेन (नोटम) जारी कर एयरस्पेस को रिजर्व कर लिया है. बता दें कि यह क्षेत्र पाकिस्तान की सीमा से महज 60 किलोमीटर की दूरी पर है और कराची के हवाई ट्रैफिक रूट्स के नजदीक पड़ता है.

सूत्रों के अनुसार, यह युद्धाभ्यास ऑपरेशन सिंदूर के बाद वायुसेना की तत्परता को परखने और पाकिस्तान की किसी भी संभावित हरकत का जवाब देने की क्षमता को और मजबूत करने के लिए आयोजित किया जा रहा है. यह अभ्यास 9 जुलाई को सुबह 9:00 बजे शुरू होगा और 10 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा. इस दौरान वायुसेना के राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000 जैसे अग्रणी लड़ाकू विमान, ड्रोन और अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म हिस्सा लेंगे. इससे भारतीय वायु सेना दुश्मन को अपनी ताकत दिखाएंगी.

यह अभ्यास IAF की ताकत को देगा धार

नोटम के तहत इस अवधि में रिजर्व किए गए एयरस्पेस में कोई भी सिविल या कमर्शियल विमान उड़ान नहीं भर सकेगा. इससे कराची-दिल्ली, दुबई-दिल्ली और जयपुर जैसे हवाई मार्ग प्रभावित हो सकते हैं. एयरलाइंस को वैकल्पिक रूट्स का उपयोग करना होगा ताकि युद्धाभ्यास के दौरान कोई जोखिम न हो. साथ ही साथ यात्रियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो. यह अभ्यास न केवल भारतीय वायु सेना की ताकत को धार देगा बल्कि दुश्मन के लिए भी खौफ पैदा करेगा.

यह अभ्यास क्यों है खास?

यह अभ्यास भारत की सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सतर्कता का साफ संदेश देगा. हाल के महीनों में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव को देखते हुए यह युद्धाभ्यास सामरिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल वायुसेना की युद्धक क्षमता को प्रदर्शित करेगा, बल्कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की भूमिका को भी दुनिया के आगे रेखांकित करेगा.

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NOTAM क्या होता है?

NOTAM, जिसका मतलब है ‘Notice to Airmen’ यहएक ऐसा नोटिस है जो हवाई यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी, जैसे कि हवाई क्षेत्र में बदलाव, खतरे या अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं, पायलटों और अन्य विमानन कर्मियों को प्रदान करता है.यह जानकारी समय पर दी जाती है ताकि उड़ानें सुरक्षित रूप से संचालित हो सकें. NOTAM का प्राथमिक उद्देश्य हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाना है.यह सुनिश्चित करता है कि पायलटों और अन्य विमानन कर्मियों को हवाई क्षेत्र, हवाई अड्डों या उड़ान संचालन से संबंधित किसी भी संभावित खतरे या बदलाव के बारे में पता हो जिससे किसी भी प्रकार के खतरे से बचा जा सके.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।