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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बदले उज्जैन की 3 पंचायतों के नाम

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल. एक साल पहले जब डॉ मोहन यादव मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे तब कहा जा रहा था कि उनकी कार्यशैली योगी बाबा जैसी है। समय बीतते गया और कई निर्णयों के बाद ऐसा लगा कि मोहन यादव वाकई उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की राह पर चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में गांव, शहरों के नाम बदलने की जो शुरुआत हुई थी उसे मध्य प्रदेश सरकार भी अपना रही है। ताजा निर्णय लेते हुए डॉ मोहन यादव सरकार ने उज्जैन जिले की तीन ग्राम पंचायतों के नाम बदल दिये है। आपको बता दें कि उज्जैन डॉ मोहन यादव का गृह जिला है। वे उज्जैन दक्षिण विधानसभा सीट से ही विधायक हैं।

सीएम यादव के इन निर्णय को हिंदुत्व की पिच पर फ्रंट फुट पर खेलना माना जा रहा है। हुआ यूं कि डॉ मोहन यादव रविवार को उज्जैन जिले के बड़नगर में एक स्कूल के उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसी दौरान सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने तीन पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा कर डाली। उन्होंने ऐलान किया कि गजनीखेड़ी पंचायत का नाम अब चामुंडा माता नगरी के रूप में जाना जाएगा, मौलाना का नाम बदलकर विक्रम नगर और जहांगीरपुर का नाम बादल कर कर जगदीशपुर रखने की भी उन्होंने घोषणा की।

बड़नगर की तीन पंचायतों के बदले नाम

सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने गजनीखेड़ी के बारे में कहा कि यहां पर एक स्थान और बहुत ज्यादा पवित्र है। हजारों साल पुराना गजनी खेड़ी माताजी का चामुंडा माता की नगरी उसे स्थान से जो संबंध है क्या अद्भुत स्थान है। सीएम ने आगे कहा कि प्रहलाद जी का कार्यक्रम दो बार टाला लेकिन मां बुलाए तो बच्चा जाए कैसे, बेटे को बुलाकर ही मानी और प्रहलाद जी ने कहा मेरा जीवन धन्य हो गया इतना अच्छा स्थान लगा। गजनी खेड़ी पंचायत का नाम अब चामुंडा माता नगरी के रूप में जाना जाएगा बोलिए चामुंडा माता की जय।

मौलाना ग्राम बदलने की क्या है वजह

वहीं मौलाना ग्राम का नाम बदलने के पीछे उन्होंने वजह बताई कि इस बड़नगर विधानसभा में अपने बलबूते पर प्राइवेट सेक्टर में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का काम कहीं होता है तो मौलाना में होता है। वहां पर अपने उद्यमशीलता के बलबूते पर पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में जो मशीन नहीं मिलती है वह यहां पर मिलती है। इतना आनंद आता है मौलाना गांव के अंदर लेकिन नाम लिखो तो पेन अटकता है। मैं विक्रमादित्य की नगरी से आता हूं, मैंने पूछा इसका नाम क्या किया जाए तो विक्रमादित्य के आधार पर इसका नाम विक्रम नगर किया जाए तो आज के बाद इसका नाम विक्रम नगर किया जाएगा। तीसरा ऐलान करते हुए मोहन ने कहा कि अब मैं जो घोषणा करूंगा जहांगीरपुर की तो दोनों तरफ से आवाज आनी चाहिए हमारी पंचायत जहांगीरपुर अब जगदीशपुर के नाम से जानी जाएगी।

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शिवराज ने भी बदले थे तीन नाम

फरवरी 2023 में तत्कालीन सीएम और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के नजदीक स्थित इस्लामनगर का नाम बदलकर जगदीशपुर किया था। इसके बाद सीहोर जिले के नसरुल्लागंज का नाम बदलकर भेरूंदा किया गया था। शिवराज के काल में ही भोपाल के हबीबगंज स्टेशन का नाम बदलकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन किया गया था।

साभार : नवभारत टाइम्स

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।