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सावन महोत्सव में महिलाओं ने लिया बढ़चढ़ कर हिस्सा, महिलाओं को किया गया जागरूक

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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कानपुर. वीरेंद्र चौहान वैवाहिक मंच की महिला मंडल एवं नीलम इंटीरियर एंड प्लाईवुड कंपनी के द्वारा किया गया सावन महोत्सव का आयोजन किदवई नगर स्थित श्री हनुमान मंदिर गुरुकुल आश्रम में मंच की महिला मंडल के द्वारा सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। अध्यक्ष नीलम चौहान ने बताया कि वर्षों से गुरुकुल आश्रम में महिलाओं द्वारा माता रानी के कीर्तन व आरती प्रसाद वितरण के साथ महिलाओं को उनके उनके बच्चों में सनातन धर्म का प्रचार प्रसार के साथ बच्चों का समय से विवाह और लव जिहाद से सतर्क और बचाव के बारे में बताया जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा चलाए जा रहे मिशन शक्ति के तहत महिलाओं का आर्थिक शक्ति करण की पांच प्रमुख श्रेणियां उद्यमिता रोजगार आजीविका सुरक्षा एवं परिवहन शिक्षा एवं कौशल विकास के बारे में बताया जाता है महिलाओं को जागरूक करने के लिए महिलाओं को विस्तृत जानकारी दी जाती हैं। संरक्षक डॉ सुषमा सेंगर ने उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से हुई तबाही में जान गवाने वाले व लापता लोगों एवं सैनिकों की सुरक्षित वापसी के लिए देवी मां से प्रार्थना कर 2 मिनट का मौन रखा। महामंत्री रेनू शुक्ला ने राधा रानी को झूला झुलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंत्री मधु मिश्रा, शालिनी अवस्थी, सुषमा कुशवाहा, बबीता पांडे, कोषाध्यक्ष शालिनी गुप्ता आदि ने सावन के गीत गाकर राधा रानी को झूला झुलाया एवं डांडिया नृत्य डांस व फूलों की होली सनातन धर्म के अनुसार कार्यक्रम का संचालन किया गया।

सैकड़ो महिलाओं समेत गुरुकुल के बच्चों ने भी बढ़कर के सावन महोत्सव में हिस्सा लिया और सभी को स्वल्पाहार के रूप में चाट बताशा समोसा कोल्ड ड्रिंक बच्चों को फ्रूटी और चाय का वितरण मंच की ओर से किया गया कार्यक्रम का आयोजन वीरेंद्र चौहान, अमित मिश्रा, मयंक गुप्ता और गुरुकुल के बच्चों द्वारा की गई। मुख्य रूप से सोनी मुकुंद गुप्ता, लक्ष्मी विकास गुप्ता, सुधा शुक्ला, रंजन अवस्थी, लक्ष्मी द्विवेदी, रानी गुप्ता, राइमा और सरिता मिश्रा, काजल अधिकारी, आराधना गुप्ता, अंजू वर्मा, प्रियंका ठाकुर, सुदामा दुबे, कंचन सक्सेना, श्रुति शुक्ला मौजूद रहे। समापन आचार्य पंडित विमल शास्त्री के द्वारा कीर्तन एवं मंगल शनिवार को सुंदरकांड में शामिल होने का आवाहन किया गया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।