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मोदी सरकार ने बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए असम और गुजरात को 707.97 करोड़ रुपये किये मंजूर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति ने वर्ष 2024 में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित हुए असम और गुजरात को 707.97 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता को मंजूरी दी है। यह केन्द्रीय सहायता राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) से प्रदान की गई है, इसके लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) में वर्ष की शुरुआत में उपलब्ध शेष राशि के 50% का समायोजन होना चाहिए। कुल 707.97 करोड़ रुपये की राशि में से असम को 313.69 करोड़ रुपये और गुजरात को 394.28 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।

उच्च-स्तरीय समिति ने हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान को अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के तहत 903.67 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। कुल 903.67 करोड़ रुपये की राशि में से 676.33 करोड़ रुपये केन्द्रीय सहायता के रूप में होंगे। कुल 903.67 करोड़ रुपये की राशि में से हरियाणा के लिए 117.19 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश के लिए 397.54 करोड़ रुपये और राजस्थान के लिए 388.94 करोड़ रुपये को मंजूरी दी गई है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार प्राकृतिक आपदाओं और विपदाओं के दौरान राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।

यह अतिरिक्त सहायता केन्द्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा मोचन निधि में पहले से जारी की गई राशि के अतिरिक्त है, जो पहले से ही राज्यों के अधीन रखी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केन्द्र सरकार ने 27 राज्यों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत 13,603.20 करोड़ रुपये और 12 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के तहत 2,024.04 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

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इसके अलावा, 21 राज्यों को राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (SDMF) से 4,571.30 करोड़ रुपये और 09 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) से 372.09 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।