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विवाद के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मिली होली खेलने की अनुमति

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों को होली खेलने की अनुमति मिल गई है. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होली खेलने की लिखित अनुमति से जुड़े मामले को लेकर AMU के प्रोवोस्ट बीबी सिंह (एनआरसी क्लब हॉल) ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्र 2 दिन के लिए 13 और 14 को एनआरएससी परिसर में जमकर होली खेल सकते हैं. होली खेलने के लिए कोई भी रोक-टोक नहीं है.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में होली खेलने की परमिशन को लेकर चल रहे विवाद में पूर्ण विराम लगा गया है. अब छात्र दो दिन होली खेल सकेंगे. AMU में होली खेलने की परमिशन को लेकर विवाद उस दिन शुरू हुआ जब AMU के छात्र अखिल कौशल ने एनआरएससी हाॅल में होली मिलन कार्यक्रम के संबंध में 25 फरवरी को एक लिखित एप्लीकेशन दी. उन्होंने होली मिलन कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी, लेकिन एएमयू प्रशासन ने लिखित अनुमति देने से मना कर दिया था.

नहीं मिली थी लिखित अनुमित

एएमयू प्रशासन ने लिखित शिकायत मना करते हुए कहा था कि कि हमेशा एएमयू में होली खेली जाती है और होली खेलने के लिए मना नहीं है. हालांकि, किसी भी नई परंपरा को हम नया रूप नहीं देंगे और ना ही इसमें कोई लिखित रूप से अनुमति दी जाएगी. इसके बाद इस संबंध में अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम का भी बयान सामने आया था. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में होली खेलने से कोई नहीं रोक सकता.

AMU में होली खेलने की मिली अनुमति

अगर कोई रोकेगा तो मैं कुलपति से बात करूंगा. साथ ही उन्होंने कहा था कि छात्रों के साथ मारपीट हुई तो मारपीट करने वालों को ऊपर भेज दिया जाएगा. AMU में होली खेलने की परमिशन नहीं मिलने के बाद करनी सेना ने 10 मार्च को कैंपस के अंदर होली खेलने की चेतावनी दी थी. अब इस मामले में प्रोफेसर बीबी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि एनआरएससी परिसर में कोई भी AMU का छात्र आकर स्वतंत्र रूप से 13 फरवरी 14 फरवरी को होली खेल सकता है.

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13 और 14 मार्च को छात्र NRSC परिसर में खेल सकेंगे होली

9 तारीख को होली खेलने की परमिशन मांगी गई थी, लेकिन AMU में उस दिन बोर्ड का एग्जाम है. इसलिए मैं चाहता है कि उस दिन आकर कोई छात्र होली ना खेले. 13 और 14 मार्च को छुट्टी है. इस दिन परंपरागत रूप से एनआरएससी क्लब में होली खेलने के लिए सबका स्वागत है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।