लोड हो रहा है...

सारंडा के जंगल में नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट से कोबरा बटालियन के 2 जवान घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

रांची. झारखंड के चाईबासा जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है. सारंडा जंगल के दीघा इलाके में शुक्रवार को आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए. चाईबासा एसपी राकेश रंजन ने बताया कि घायल जवानों के नाम राम प्रवेश सिंह और छोटू कश्यप हैं।

जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने इलाके में पहले से ही आईईडी बिछा रखा था. जवान गश्त पर थे, तभी वे विस्फोट की चपेट में आ गए. धमाका इतना जोरदार था कि आसपास का इलाका दहल उठा. घटना के तुरंत बाद साथी जवानों ने घायलों को सुरक्षित निकाल कर मौके से हटाया.

घायल जवानों को प्राथमिक इलाज देने के बाद उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची भेजा जाएगा, जहां उनका आगे का इलाज होगा. घटना के बाद इलाके में नक्सलियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, सारंडा जंगल नक्सलियों का गढ़ माना जाता है और इस इलाके में पहले भी कई बार सुरक्षाबलों पर हमले हो चुके हैं. फिलहाल, पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

साभार : न्यूज18

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

 

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।