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रेलवे ने कंफर्म टिकट में घर बैठे यात्रा की तारीख बदलने का मौका देने की घोषणा की

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे टिकट बुकिंग से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब यात्री बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के टिकट की तिथियों में बदलाव कर सकेंगे। कई बार ऐसा होता है यात्रा की योजनाएं अप्रत्याशित रूप से बदल जाती है। जिससे यात्री के पास वो टिकट किसी काम की नहीं रह जाती जिसका उसने रिजर्वेशन कराया था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यात्री उसी टिकट की तारीख में बदलाव कर सकेंगे। जिससे उन्हें तारीख में बदलाव के बाद भी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना होगी।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से यात्री बिना किसी शुल्क के अपनी कंफर्म ट्रेन टिकट में यात्रा की तिथि में ऑनलाइन बदल सकेंगे। अभी के नियमों के अनुसार यात्रियों को अपनी यात्रा की  बदलने के लिए अपना टिकट कैंसिलकरके नई टिकट बुक करनी पड़ती है। जिसपर कैंसिलेशन चार्ज भी लगता है साथ ही ये असुविधाजनक है। ऐसे में नई टिकट मिल पाना भी मुश्किल होता है।

कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए नियम में कंफर्म टिकट मिलने की कोई गारंटी नहीं मिलेगी। क्योंकि वो रेलवे में सीट की उपलब्धता के आधार पर निर्भर है। इसके साथ ही, अगर नए टिकट की कीमत ज़्यादा होगी, तो यात्रियों को किराए का अंतर चुकाना होगा। इस नियम से उन यात्रियों को लाभ मिलेगा जिन्हे अपनी यात्रा में तारीख बदलने के चलते भारी शुल्क भरना पड़ता है।

क्या है रेलवे की ट्रेन टिकट कैंसिलेशन पॉलिसी?

बता दें मौजूदा नियम के मुताबिक ट्रेन के प्रस्थान से 48 से 12 घंटे पहले घंटे पहले कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर किराए में 25 प्रतिशत की कटौती की जाती है। वहीं ट्रेन के प्रस्थान से 12 से 4 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर शुल्क बढ़ जाता है। रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद ट्रेन कैंसिल करने पर कोई धनराशि वापस नहीं की जाती है।

साभार : दैनिक जागरण

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।