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चलती ट्रेन से चील टकराने के कारण शीशा टूटने से ड्राइवर हुआ घायल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जम्मू. चलती ट्रेन से यदि कोई जानवर, गाड़ी या कुछ ही टकराती है तो उसके परखच्चे उड़ जाते है. लेकिन जम्मू कश्मीर से सामने आई एक हैरान करने वाली घटना ने इस धारणा को बदल दिया है. जम्मू कश्मीर में चलती ट्रेन से एक चील टकराई, हैरत की बात यह है कि टक्कर के बाद चील ट्रेन इंजन की सामने वाली कांच को तोड़ते हुए अंदर घूस गई. चलती ट्रेन से टकराने पर केबिन का कांच का चकनाचूर हो गया. सामने बैठा ड्राइवर भी घायल हो गया. इसका वीडियो भी सामने आया है. जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अनंतनाग जिले की घटना, ड्राइवर को आई मामूली चोट

वीडियो में टक्कर के बाद केबिन के कांच को तोड़ कर अंदर आई चील ट्रेन के फर्श पर फड़फड़ाती नजर आ रही है. इस घटना के बारे में अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक चील ट्रेन के विंडस्क्रीन से टकराकर लोकोमोटिव पायलट के केबिन में जा गिरी, जिससे पायलट को मामूली चोटें आईं.

बारामूला-बनिहाल ट्रेन के साथ हुई घटना

अधिकारियों ने आगे बताया कि यह घटना बारामूला-बनिहाल ट्रेन में बिजबेहरा और अनंतनाग रेलवे स्टेशनों के बीच हुई. अधिकारियों ने बताया कि चील की टक्कर से विंडस्क्रीन टूट गई, जिससे पायलट के चेहरे पर मामूली चोटें आईं.

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. जिसे देखकर लोग हैरान हो रहे हैं. वहीं कुछ लोग बता रहे हैं कि ट्रेन और चील दोनों रफ्तार में रहे होंगे. इससे टक्कर में विंडस्क्रीन टूट गई.

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साभार : इनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।